
छुट्टा पशु, अंधेरी सड़कें और मीट दुकानें, वाराणसी नगर निगम ने कसा शिकंजा
वाराणसी नगर निगम ने शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए तीन मोर्चों पर सख्ती बढ़ाई है। सड़कों पर छुट्टा पशु छोड़ने वाले पशुपालकों से तय शुल्क के साथ ₹6,000 अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा। 20 वार्डों में स्ट्रीट लाइट और रात्रिकालीन सफाई का औचक निरीक्षण कर डार्क स्पॉट खत्म करने के लिए नई लाइट और पोल लगाने की योजना बनाई गई है। वहीं अंधरापुल क्षेत्र में खुले में मांस बेचने और मानकों का पालन नहीं करने वाली आठ दुकानों का चालान किया गया।
वाराणसी: शहर की सड़कों पर आवारा और छुट्टा पशु छोड़ने वाले पशुपालकों को अब और भारी पड़ने वाला है। नगर निगम ने सड़कों को छुट्टा मवेशियों से मुक्त कराने के लिए रुख कड़ा कर लिया है। यदि किसी पशुपालक का जानवर निगम की कैचिंग टीम द्वारा पकड़ा जाता है, तो उसे छुड़ाने के लिए तय फीस के अलावा 6,000 रुपये अतिरिक्त जुर्माना देना पड़ेगा।
दरअसल, शहर में लगातार अभियान चलाकर पकड़े गए मवेशियों को ऐढ़े व नक्खीघाट स्थित कांजी हाउस और छितौनी कोट व शहंशाहपुर स्थित कान्हा उपवन में भेजा जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में मवेशियों को ढोने वाले वाहनों के ईंधन, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के भत्ते का अच्छा-खासा खर्च आ रहा है। नगर निगम ने इस वित्तीय बोझ को खुद उठाने के बजाय सीधे लापरवाह पशुपालकों पर डालने का फैसला किया है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि निगम के आय-व्यय और वर्तमान में बढ़ती समस्या को संतुलित करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। जब तक इस संदर्भ में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम सहमति या निर्णय नहीं हो जाता, तब तक यही आदेश प्रभावी रहेगा।
उधर, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृत राज ने कांजी हाउस और गौआश्रय केंद्रों का प्रभार संभाल रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें स्पष्ट कहा गया है कि मवेशी तभी छोड़े जाएं जब पशुपालक निर्धारित शुल्क के साथ 6,000 रुपये का अतिरिक्त व्यय जुर्माना जमा कर दे। इस नियम के पालन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डार्क स्पॉट खत्म करने के लिए नगर निगम ने तैयार किया रोडमैप
वाराणसी : शहर को रात में रोशन रखने और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए नगर निगम सजग है । इस क्रम में सात अक्टूबर की रात उच्च अधिकारियों ने आलोक विभाग की टीमों ने सात अक्टूबर की रात राजघाट, चौकाघाट, सरसौली, तुलसीपुर, सिगरा, शिवपुरवा और गोलाघाट समेत 20 वार्डों में एक साथ मुख्य सड़कों से लेकर आंतरिक गलियों तक का औचक निरीक्षण कर पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) और सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान विभिन्न वार्डों के 7,500 से अधिक प्रकाश बिंदुओं में से लगभग 95 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें चालू मिलीं, जबकि शिवपुरवा में 119, सिगरा में 68 और गोलाघाट में 23 सहित कुल 210 लाइटें बंद पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान चिह्नित किए गए डार्क स्पॉट समाप्त करने के लिए 32 नई लाइटें, 50 नए पोल (शिवपुरवा में 40 व सिगरा में 10) और आठ सेमी हाई मास्ट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही बंद व पीली पड़ चुकी ईईएसएल लाइटों को बदलने, आवश्यकतानुसार स्विचमैन तैनात करने और आंतरिक गलियों में रात्रिकालीन सफाई को और मजबूत करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इस दौरान प्रमुख स्थलों पर सफाई मित्र भी मुस्तैद मिले। निरीक्षण अभियान में अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता व बरखा सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र आनंद, मुख्य नगर लेखा परीक्षक एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता आरके लाल, जोनल अधिकारी रीता रानी विक्रम और सेनेटरी आफिसर क्षितिज मिश्रा सहित आलोक विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
मीट की दुकानों पर नगर निगम का चाबुक, आठ दुकानों का किया चालान
वाराणसी : नगर निगम की टीम ने गुरुवार को अंधरापुल स्थित मीट की दुकानों के खिलाफ व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान मानकों का उल्लंघन करने और खुले में मांस बेचने वाली आठ मीट दुकानों का कुल 6,000 रुपये का चालान किया गया। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर यह अभियान संयुक्त नगर आयुक्त व वरुणापार जोन के जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद तथा पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज के नेतृत्व में चलाया गया।
इस दौरान कई स्थायी मीट दुकानों पर मानक व नियमानुसार पर्दा नहीं लगाया गया था और बाहर से ही मांस दिखाई दे रहा था। इसके अलावा दुकानों के आसपास गंदगी भी पाई गई। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी ने बताया कि खुले में मांस बेचना और पर्दा न लगाना नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी के तहत आंधरा पुल क्षेत्र की आठ दुकानों पर चालान किया गया है। कहा कि शहर में स्वच्छता और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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