आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, 2030 तक 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में तेजी से अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। 2017 के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 3,862 करोड़ से बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि आईटी सेवाओं का निर्यात 82,055 करोड़ रुपये हो गया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ जैसे शहर तकनीकी विकास के केंद्र बन रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और नवाचार के अवसर मिल रहे हैं।
- योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बन रहा ग्लोबल आईटी हब, युवाओं को मिल रहे नए अवसर
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ग्लोबल आईटी हब बनने की ओर अग्रसर है। लगातार बेहतर होते इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल वातावरण से प्रदेश आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से उभरते हुए, देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित हो चुका है। वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक देश के कुल आईटी निर्यात में प्रदेश की मौजूदा हिस्सेदारी को 05 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक के स्तर पर ले जाया जाए।
आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के संयुक्त विकास ने उत्तर प्रदेश के निर्यात आधार को व्यापक बनाया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र और लखनऊ जैसे शहर अब आईटी सेवाओं, मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और डेटा आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। प्रदेश में स्थापित हो रही असेम्बली यूनिट्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और आईटी सर्विस कंपनियों ने निर्यात क्षमता को नई मजबूती दी है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात लगभग 3,862 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी प्रकार से आईटी आधारित सेवाओं का निर्यात भी 55,711 करोड़ रुपये से बढ़कर 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि यह प्रदेश में विकसित हो रहे प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक ढांचे और वैश्विक कंपनियों के बढ़ते भरोसे को भी दर्शाती है।
इस विकास का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक निर्यात आधारित उद्योगों से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। तकनीकी प्रशिक्षण कौशल, विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार से युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि नवाचार और उद्यमिता के वाहक बन रहे हैं। योगी सरकार द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों ने निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना दिया है।
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