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स्मार्ट खेती, उच्च उत्पादकता और बेहतर आय की दिशा में यूपी की नई तकनीकी पहल

उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को अपना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ड्रोन, स्मार्ट सिंचाई, डिजिटल सलाह और एआई आधारित कीट-रोग निगरानी प्रणाली किसानों के लिए बेहद फायदेमंद सिद्ध हो रही है। इससे फसलों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि और किसानों की आय में बड़ा सुधार हुआ है। विश्व बैंक व गूगल के सहयोग से यूपी देश का अग्रणी राज्य बन चुका है जहां किसानों को वास्तविक समय में वैज्ञानिक परामर्श और मार्केट एक्सेस मिल रहा है। एआई आधारित स्मार्ट खेती प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

  • उत्तर प्रदेश में एआई आधारित कृषि क्रांति: किसान हो रहे सशक्त

लखनऊ, । उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक बनाने की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश खेती के क्षेत्र में तकनीक आधारित अभिनव प्रयोगों के क्रियान्वयन एक अनुकरणीय मॉडल के तौर पर प्रस्तुत हो रहा है। राज्य में योगी सरकार ने पारंपरिक खेती को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधानों का विस्तार किया है, जिससे न केवल उत्पादन बढ़ा है, बल्कि किसानों की आय में भी बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। एआई के इस्तेमाल से मौसम, मिट्टी और फसल के अनुसार वैज्ञानिक परामर्श, कीट और रोग नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन तथा मार्केट एक्सेस के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है।

स्मार्ट खेती की दिशा में तेजी से बढ़ रहा यूपी

प्रदेश में एआई-संचालित ड्रोन, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली तथा डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म्स के कुशल क्रियान्वयन से कृषि कार्यों की पूर्ति और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत लगभग 300 कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान खेती को स्मार्ट बनाने के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। एआई आधारित कीट एवं रोग निगरानी व्यवस्था के जरिए फसलों को होने वाले नुकसान में भारी कमी आई है, जिससे किसानों को राहत मिली है। मक्का की उपज 29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाने तथा धान की उपज 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से अधिक करने की दिशा में भी प्रगति हो रही है। इससे प्रदेश तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर उच्च उत्पादकता वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हो रहा है।

किसानों के आर्थिक उत्थान में एआई की बड़ी भूमिका

विश्व बैंक और गूगल साझेदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने एआई आधारित कृषि और शासन प्रणाली को बड़े पैमाने पर अपनाया है। यह प्रणाली किसानों को वास्तविक समय में मिट्टी, मौसम और फसल के अनुसार डिजिटल सलाह उपलब्ध करा रही है। ई-नाम जैसे प्लेटफॉर्मों ने किसानों को मार्केट एक्सेस आसान बनाया है, जबकि एआई ने ऋण, बीमा और सब्सिडी जैसी सेवाओं का लाभ भी तीव्र गति से उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस कृषि से जुड़े हर किसान को तकनीक से जोड़ने और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है, जिसके परिणामस्वरूप किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास अब बड़े पैमाने पर सफल होते दिखाई दे रहे हैं। इन प्रयासों के जरिए उत्तर प्रदेश की एआई आधारित कृषि क्रांति न केवल राज्य के भविष्य को बदल रही है, बल्कि देश के लिए भी एक नए आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है।

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