बॉटम-3 से टॉप-3 तक पहुंचा यूपी, सीएम योगी ने बताया कैसे बदली प्रदेश की आर्थिक तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश ने नौ वर्षों में बॉटम-3 राज्यों से निकलकर देश के टॉप-3 राज्यों में स्थान बनाया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पूंजीगत निवेश से प्रदेश की जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा योजनाओं ने विकास को नई गति दी है। नीति आयोग और सीएजी ने भी यूपी के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब फ्रंट रनर राज्य बनकर ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में चर्चा के दौरान प्रदेश की आर्थिक प्रगति, वित्तीय अनुशासन और विकास यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश के “बॉटम-3” राज्यों की श्रेणी से निकलकर “टॉप-3” राज्यों में स्थान बनाया है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय स्पष्ट नीति, शुद्ध नीयत, पारदर्शी कार्यशैली और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन को दिया।
मुख्यमंत्री ने 9,12,696 करोड़ रुपये के बजट को प्रदेश के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार दसवां बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम है।
राजकोषीय अनुशासन और आर्थिक मजबूती का उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 4.39 प्रतिशत था, जो 2025-26 में घटकर 2.97 प्रतिशत रह गया है। वहीं, राज्य की ऋणग्रस्तता भी लगभग 30 प्रतिशत से घटकर 26 प्रतिशत के आसपास आ गई है और 2026-27 तक इसे 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 43,000 रुपये थी, जो 2024-25 के अंत तक बढ़कर 1,20,000 रुपये से अधिक हो चुकी है। इसी प्रकार राज्य की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और आगामी वित्तीय वर्ष में इसे 40 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धियां उत्तर प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर और मजबूत वित्तीय आधार का प्रमाण हैं।
कैपिटल एक्सपेंडिचर से विकास को गति
मुख्यमंत्री ने बजट में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को प्राथमिकता दिए जाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 में यह लगभग 71,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1,77,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया निवेश केवल सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया एक रुपये पांच से छह गुना तक आर्थिक प्रतिफल देता है।
वित्तीय पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने वित्तीय अनुशासन को मजबूत करते हुए लीकेज रोके और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए आवश्यकतानुसार ही धन जारी किया जा रहा है और भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।
उन्होंने वर्ष 2017 में किसानों की कर्जमाफी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने बिना किसी अतिरिक्त ऋण लिए 86 लाख किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया, जो वित्तीय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
निवेश और रोजगार में एमएसएमई की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार ने इसे मजबूत बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के माध्यम से मुरादाबाद का ब्रास उद्योग, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा और भदोही की कालीन जैसे पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान और बाजार मिला है।
युवाओं और कारीगरों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत कारीगरों को टूलकिट, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ के अंतर्गत युवाओं को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त और ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,10,000 से अधिक युवाओं को इस योजना का लाभ मिला है, जिससे स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिला है।
नीति आयोग और सीएजी ने भी की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नीति आयोग की ‘फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2025’ रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को ‘फ्रंट रनर’ राज्य की श्रेणी में रखा गया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने भी राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति और संतुलित राजकोषीय प्रबंधन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर ‘फ्रंट रनर’ राज्य बन चुका है।
टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री 4.0 से बदली प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने टेक्नोलॉजी, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने इंडस्ट्री 4.0 और इंडस्ट्री 5.0 का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और बिग डेटा जैसी तकनीकों के माध्यम से प्रदेश नई विकास ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ बन चुका है और प्रदेश में ट्रिपल-टी-टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन-का मॉडल सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
लोकतांत्रिक परंपरा और संवाद की सराहना
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बजट पर 167 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि संवाद ही समाधान का मार्ग है और सरकार सभी सुझावों का स्वागत करती है।
भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री ने भारत मंडपम में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भारत की ओर देख रही है, तब देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि स्पष्ट नीति, वित्तीय अनुशासन, निवेश और पारदर्शिता के माध्यम से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी और बजट 2026-27 इस दिशा में एक मजबूत और ऐतिहासिक कदम है।
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