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केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू–कश्मीर में विकास कार्यों की समीक्षा की

नई दिल्ली । केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने  उधमपुर – कठुआ – डोडा संसदीय क्षेत्र में कोविड महामारी के बाद विभिन्न राष्ट्रीय परियोजनाओं की स्थिति समेत विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उपायुक्तों एवं अन्य अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक में, डॉ. सिंह ने कठुआ, उधमपुर, रेआसी, रामबन, डोडा तथा किश्तवाड़ के छह जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति के बारे में चर्चा की। एक–एक करके इलाके में चल रही विभिन्न बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गयी और उनकी प्रगति में तेजी लाने के उपायों पर विमर्श किया गया।

जहां तक कठुआ जिले का सवाल है, बैठक में यह बताया गया कि इलाके के पहले बीज प्रसंस्करण कारखाने का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अगले कुछ सप्ताह में चालू हो जायेगा।इसी प्रकार, उत्तर भारत के पहले बायोटेक इंडस्ट्रियल पार्क का कार्य, जिसमें कोविड की वजह से देरी हो गयी, भी लगभग पूरा हो चुका है और अब निकट भविष्य में चालू होने के करीब है। हालांकि, पठानकोट–जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण चार लेन से छह लेन में बदलने के लिए किये जा रहे सर्वेक्षण की वजह से हाईवे विलेज के कार्य को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। इस बीच, कटरा–दिल्ली एक्सप्रेस रोड कॉरिडोर पर काम चालू हो गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

उधमपुर के उपायुक्त ने मंत्री को सूचित किया कि कोविड महामारी के कारण हुई देरी के बाद देविका नदी परियोजना के काम में फिर से गति आ गयी है और इसके अगले डेढ़ साल में पूरा करने की समय–सीमा के भीतर ही समाप्त हो जाने की उम्मीद है। इसी तरह, उन्होंने यह सूचित किया कि देविका पुल के उद्घाटन के बाद लोगों ने अपार राहत और खुशी व्यक्त की है। डॉ. सिंह ने बसोहली क्षेत्र में दयालचक रोड और रामनगर में मजलटा पुल के कार्य और उधमपुर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल स्टेट में निवेश की योजना के प्रस्तावों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने जलापूर्ति की योजना और प्रस्तावित बस स्टैंड के बारे में अद्यतन जानकारी दी।उधमपुर और कठुआ के जिला प्रशासन को खासकर गर्मी के इस मौसम में हैण्डपंप के लिए लोगों की मांग को देखते हुए इसमें तेजी लाने की भी सलाह दी गयी।

रेआसी के उपायुक्त ने केन्द्रीय विद्यालय के प्रस्ताव के बारे में अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रक्रियात्मक औपचारिकतायें पूरी कर ली गयी हैं। मंत्री ने उपायुक्त से टोल प्लाजा के मुद्दे एवं दैनिक यात्रियों को राहत पहुँचाने के विकल्पों के बारे में एक विस्तृत नोट भेजने को कहा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ के उपायुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि सैफरॉन पार्क की योजना को केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिल गयी थी, लेकिन उपयुक्त स्थान न तलाश पाने में असमर्थ रहने की वजह से अंतिम समय में उसका शिलान्यास टाल दिया गया। मंत्री ने कठुआ के उपायुक्त से नागरिक समाज के साथ वार्ता कर एक सर्वसम्मति बनाने को कहा ताकि इस परियोजना को जल्दी से जल्दी शुरू किया जा सके।

रामबन के उपायुक्त ने राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य के बारे अद्यतन जानकारी दी। मंत्री ने उन्हें पटनीटॉप से लेकर सनासर तक की सड़क के उन्नयन के कार्य, जिसके लिए सेंट्रल रोड फण्ड (सीआरएफ) की ओर से राशि स्वीकृत हो चुकी है, में हो रही देरी के कारणों का तत्काल पता लगाने को कहा। इस बीच, डोडा के उपायुक्त ने सूचित किया कि कोविड महामारी की वजह से उपजी सीमाओं के बावजूद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, डोडा और भद्रवाह स्थित नेशनल हाई आल्टीच्युड मेडिसिन प्लांट का निर्माण कार्य सामान्य गति से चल रहा है।

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