
नयी दिल्ली : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि फिजी के नादी में संपन्न 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन भारत के साथ उसके मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को परीक्षित करता है।डॉ जयशंकर ने फिजी में आयोजित तीन दिवसीय विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित किया और इसके सफल आयोजन के लिए वहां की सरकार को धन्यवाद दिया। समारोह में फिजी के राष्ट्रपति रातू विलीमे काटोनिवेरे, प्रधानमंत्री सित्विनी राबुका और उप प्रधानमंत्री बिमान प्रसाद भी मौजूद रहे।
विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा , “ फिजी में आयोजित 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेकर सम्मानित महसूस किया। तीन दिवसीय सम्मेलन फिजी और भारत के बीच मजबूत सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को परिलक्षित करता है।”उन्होंने कहा कि फिजी और भारत के साथ-साथ 31 देशों के प्रतिभागियों ने इस आयोजन की भव्यता में इजाफा किया। दोनों देशों की सांस्कृतिक और पारंपरिक विशेषताएं आपसी सम्मान और सहयोग की मजबूत नींव हैं।
इस तरह के आयोजन अन्य भारतीय भाषाओं के विस्तार को मजबूत करने में भी मदद कर रहे हैं।समारोह के दौरान विश्व भर के 900 से अधिक विद्वानों एवं हिन्दी प्रेमियों ने हिन्दी के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।समापन समारोह में गणमान्य विद्वानों का सम्मान भी किया गया।(वार्ता)
फ़िजी में आयोजित 12वें #विश्वहिन्दीसम्मेलन के समापन कार्यक्रम में भाग लेकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।फ़िजी के उपप्रधानमंत्री बीमन प्रसाद जी के शामिल होने के लिए धन्यवाद।
३ दिवसीय इस सम्मेलन में फ़िजी और भारत के सशक्त सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की छवि स्पष्ट रूप से दिखाई दी। pic.twitter.com/8MfpWgnWSp
— Dr. S. Jaishankar (Modi Ka Parivar) (@DrSJaishankar) February 17, 2023



