Varanasi

सेवा, संवेदना और समर्पण के प्रतीक रहे स्व. डॉ. अश्विनी कुमार जैन को श्रद्धांजलि

वाराणसी के वरिष्ठ चिकित्सक एवं संकल्प संस्था के संस्थापक सदस्य स्व. डॉ. अश्विनी कुमार जैन की पुण्यतिथि पर बुधवार को मलदहिया स्थित क्लीनिक में श्रद्धांजलि सभा हुई। चिकित्सकों, समाजसेवियों, परिजनों और मरीजों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। लोगों ने कहा कि डॉ. जैन सेवा, सादगी और करुणा के प्रतीक थे, जिन्होंने जीवनभर मानवता की सेवा की। कोविड काल में भी उन्होंने रोगियों की सेवा करते हुए प्राण त्याग दिए। आज उनके पुत्र डॉ. हर्षित जैन और पुत्रवधू डॉ. आंचल अग्रवाल जैन उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

  • संकल्प संस्था के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित – चिकित्सक, समाजसेवी व परिजनों ने किया पुण्यस्मरण

वाराणसी। नगर के वरिष्ठ चिकित्सक एवं संकल्प संस्था के संस्थापक सदस्य स्व. डॉ. अश्विनी कुमार जैन के पूण्यतिथि पर अग्रणी सामाजिक संस्था संकल्प के तत्वावधान में बुधवार को मलदहिया स्थित डॉ. अश्विनी कुमार जैन क्लीनिक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में चिकित्सक, समाजसेवी, संस्था के सदस्य एवं डॉ. जैन के शुभचिंतक उपस्थित रहे, जिन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके पुण्य स्मरण किए।

स्व. डॉ. अश्विनी कुमार जैन को याद करते हुए लोगों ने कहा कि सेवा, संवेदना और समर्पण के प्रतीक माने जाने वाले स्व. डॉ. अश्विनी कुमार जैन का व्यक्तित्व न केवल वाराणसी बल्कि संपूर्ण चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणा स्रोत रहा है। वे ऐसे चुनिंदा चिकित्सकों में से थे जिनकी वाणी और व्यवहार ही लोगों के लिए दवा का कार्य करते थे। उनका जीवन ईश्वर भक्ति और मानव सेवा का सुंदर संगम था।

वे अनुशासन, सादगी और सेवा के प्रतीक थे। उन्होंने क्षयरोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अनेक अभियान चलाए और निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से असंख्य लोगों को लाभान्वित किया। अपने पूरे जीवन को मानवता की सेवा में समर्पित करने वाले इस करुणामय चिकित्सक ने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी दिन-रात रोगियों की सेवा की। परन्तु नियति को कुछ और मंजूर था और अनगिनत कोविड रोगियों की सेवा करते हुए वे स्वयं कोविड के चपेट में आ गये और 22 अक्टूबर 2022 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया और छोड़ गये सेवा, संवेदना और समर्पण की विरासत जिसे आज उनके पुत्र डॉ. हर्षित जैन एवं पुत्र वधू डॉ. आंचल अग्रवाल जैन सींच रही है एवं उनकी पूण्यतिथि, लोगों के हृदय में उनके जीवन और सेवा की स्मृतियों को नमन करने का दिवस बन चुका है।

संरक्षक श्री अनिल कुमार जैन (संकल्प संस्था) ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि “डॉ. अश्विनी जैन न केवल एक श्रेष्ठ चिकित्सक थे, बल्कि संवेदना और करुणा के प्रतीक भी थे। उन्होंने समाजसेवा को अपना धर्म बना लिया था। उनका हमारे बीच न होना एक अपूरणीय क्षति है।”

डॉ. हर्षित जैन (पुत्र) ने अपने पिता को स्मरण करते हुए कहा कि “पिताजी मेरे लिए केवल आदर्श नहीं, बल्कि जीवन के दिशा-सूचक थे। वे भोलेनाथ के सच्चे भक्त थे और हर कार्य को ईश्वर सेवा मानते थे। उन्होंने सिखाया कि डॉक्टर का असली धर्म ‘मानवता की सेवा’ है। मैं और मेरी पत्नी डॉ. आंचल अग्रवाल जैन उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

श्री आलोक कुमार जैन (भाई) ने भावुक होकर कहा कि “अश्विनी भैया की सादगी और करुणा परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणा है। वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में सहभागी रहते थे। उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची सफलता सेवा और प्रेम में है। उनके जाने से जो शून्य बना है, वह कभी भरा नहीं जा सकता।”

संकल्प संस्था के सदस्यों तथा मरीजों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। रिहाना बीवी ने कहा कि “डॉ. अश्विनी जैन मेरे लिए खुदा के नबी से कम नहीं थे। उन्होंने मुझे इस लायक कर दिया कि बिस्तर से उठकर आज मैं फिर से चल रही हूं।” यह कहते हुए वे अत्यंत भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो उठीं। आजमगढ़ निवासी सुनील ने कहा कि “डॉ. जैन से परामर्श लेते समय ऐसा लगता था कि हमारी आधी पीड़ा उनकी बातों से ही दूर हो जाती है और ऐसा महसूस करने वाला मैं अकेला नहीं हूं।”

इस दौरान श्रीमती गीता जैन, श्रीमती संगीता जैन, श्रीमती संध्या जैन, पंकज अग्रवाल (एलआईसी), राजकपूर, गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लाथ सेन्टर), हरीश अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सलिल शाह, दिनेश जी (डोरी वाले), विष्णु जैन, क्लीनिक के सहयोगी डा. आनन्द कुमार, मनीष यादव, महेंद्र यादव, सुनील, स्मृति गुप्ता सहित श्री काशी अग्रवाल समाज के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

वाराणसी का वह चिकित्सक, जिसके शब्द ही दवा बन जाते थे..

 

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