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जिनके हाथों से तिरंगा संभाला न जाये,ऐसे नेताओं को संसद से बाहर निकाला जाये…

37वें अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा का हुआ भव्य आगाज

दुद्धी, सोनभद्र: कौमी एकता समिति के तत्वावधान में स्थानीय तहसील प्रांगण में गुरुवार की रात 37वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग उप्र के राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड़ रहे व अध्यक्षता राज्यसभा सांसद रामशकल  ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व समारोह अध्यक्ष द्वारा मां सरस्वती के चित्र का अनावरण, पुष्पअर्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात समिति द्वारा मुख्य अतिथि, समारोह अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि के रुप में पधारे अतिथियों सहित आमंत्रित कविगण को माल्यार्पण, बैच अलंकरण व अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री गोंड ने कौमी एकता सप्ताह के अंतर्गत तहसील मुख्यालय पर आपसी सौहार्द के उद्देश्य आयोजित की जाने वाली इस परंपरा का निर्वहन करने वाली कमेटी को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय चेतना के ऐसे ही साहित्यिक मंचों से समाज को सही दिशा मिलती है। समारोह अध्यक्ष राज्यसभा सांसद रामसकल ने कहा कि दुद्धी जैसे अति पिछड़े क्षेत्र में इस स्तर का आयोजन सराहनीय है। इसे निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि द्वारा के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली 6 शख्सियतों को सम्मान पत्र व अंगवस्त्रम से नवाजा गया।

इसमें राजनीति व समाजसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले म्योरपुर के ब्लाक प्रमुख मानसिंह गोंड, यूपी पीसीएस क्वालीफाई करने वाले नगर निवासी सरकारी शिक्षक रिशान्त श्रीवास्तव, शिक्षा के क्षेत्र से वर्षा रानी, भोजपुरी सांस्कृतिक एवं गायकी के क्षेत्र से हरपुरा गांव निवासी रामगुलाम, सोलर लैम्प के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल खजूरी गांव की नजरानी, अति पिछड़े बभनी के जुर्रा गांव निवासिनी सुशील सिंह को नीट में अच्छे नंबर लाकर सरकारी कालेज में एमबीबीएस सीट हासिल करने जैसी मेधावी छात्रा शामिल रहीं। मुख्य अतिथि, समारोह अध्यक्ष, मुख्य संरक्षक सहित अधिवक्ता पत्रकार व समाज के अन्य बुद्धिजीवी वर्ग के लोग देर रात तक कवियों की रचनाओं को सुनकर भरपूर लुत्फ उठाए।

दिल्ली से पधारी कवित्री डॉ कीर्ति काले ने चंद्र बदन मधुर हसन कमलदल बिहारिनि जैसे सरस्वती वंदना से काव्य पाठ की शुरुआत की। इसके बाद बाराबंकी से पधारे हास्य पैरोडी के कवि प्रमोद पंकज ने कुटम कुटम कूटम कुटिया तेल लगा के सहित दर्जनों फिल्मी गानों पर आधारित पैरोडी सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कवि यथार्थ विष्णु ने सोनभद्र के खनिज व पर्यावरण पर अपनी कविता के माध्यम से जनोद की खूबियों व खामियों को पेश किया। चूड़ियों के शहर फिरोजाबाद से पधारे हाशिम फिरोजाबादी ने “जिनके हाथों से तिरंगा न संभाला जाए, ऐसे नेताओं को संसद से निकाला जाए, “वतन पर मिटने वालों पर चढ़े वह फूल हो जाऊँ, गड़े दुश्मन के सीने में वो त्रिशूल हो जाऊं, ” तेरे गुरुर को एक दिन जरूर तोडूंगा, तू आफताब सही पर बुझाकर छोडूंगा, मैं अपने मुल्क की सलामती के लिए, हर एक हिंदू मुसलमान का हाथ जोड़ूंगा, न मैं जापान वाला हूं ना पाकिस्तान वाला हूं, जो मेरे देश के हैं गद्दार, नहीं है जिसको इससे प्यार, वो हिंदुस्तान छोड़ दें जैसे एक से बढ़कर एक देश भक्ति सुना कर उपस्थित जनों में देशभक्ति का संचार कर दिया।

दिल्ली से पधारी कवित्री डॉक्टर कीर्ति काले ने डबडभाये है नैना, दिन रैना नहीं चैना, मन में उठा है भूचाल रे, बिटिया चली है ससुराल रे जैसी मार्मिक विदाई गीत सुनाकर लोगों के आंखों में आंसू भर दिया। इसके अलावा पिया ने पीली भंग, मैं देख कर रह गई दंग, जैसी होली की रचना सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। रायगढ़ छत्तीसगढ़ से पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे ने अपने हास्य की कई रचनाओं से लोगों को खूब हंसाया। हास्य का टोकरा है, ठहाके का परिंदा है, टेंशन में मत रहिए बाबू टाइगर अभी जिंदा है, दुद्धी की एक बात एकदम खास है, यहां का आदमी एकदम झकास है सहित कई हास्य व्यंग की रचनाओं को सुनने के बाद देशभक्ति के रूप में उन्होंने “जब पानी नहीं मिलता, तो सर जमीने हिंदुस्तान की मिट्टी से वजू करके हम नमाज अदा करते हैं जैसी देश भक्ति रचना सुनाया।

लखनऊ से पधारे हास्य कवि विकास बौखल ने कोरोना मरीज हाथ जोड़कर डॉक्टर से बोल पड़ा है, बाबा रामदेव बोले बुड्ढों की शिकायत है हम बाबाजी का च्यवनप्राश नहीं खाएंगे जैसी रचना सुनाकर लोगों को खूब गुदगुदाया। मनमोहन मिश्र ने एक कली पैरों से फिर रौंदी गई और दुनिया के रचना के बारे में जिसने सोचा होगा जैसी गीत सुना कर काव्य संध्या को ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार मु.शमीम अंसारी व काव्य संध्या का संचालन कवि विकास बौखल ने किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रामलोचन तिवारी ने जहां स्वागत भाषण दिया वहीं मुख्य संरक्षक रविंद्र जायसवाल ने लोगों के प्रति आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जुबेर आलम, मदन मोहन तिवारी, दुद्धी बार अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव, सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह, एनसीएल बीना के ऑपरेशन माइंस संजीव दिक्षित, एनसीएल खड़िया के रामजनम यादव, ग्रासिम से विभूधर पांडेय और मोहंती जी, नंदलाल जी,रामेश्वर राय, कुलभूषण पांडेय,रामपाल जौहरी सहित भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे। कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक आशीष मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय, कस्बा इंचार्ज संजय सिंह, एसआई एनामूलहक अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों व पीएसी बल के साथ मुस्तैद थे।

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