शीतलहर में संकल्प की गरमाहट: छात्राओं के सपनों को मिला सहारा
वाराणसी में शीतलहर के बीच संकल्प संस्था ने जे. पी. मेहता इंटर कॉलेज में छात्राओं को स्वेटर व शॉल वितरित किए। उद्देश्य ठंड से राहत देकर शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना रहा। संस्था सदस्यों के सहयोग से हुई इस पहल ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मानवीय आधार प्रदान किया।
- जे. पी. मेहता इंटर कॉलेज में ऊनी वस्त्र वितरण, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” को मिला जमीनी बल
वाराणसी। शीतलहर की सिहरन और बढ़ती ठंड के बीच जब हाथ किताबों से ज़्यादा गरमाहट खोजते हैं, तब समाज की संवेदनशील पहल ही भविष्य की पढ़ाई को सहारा देती है। ऐसे ही मानवीय सरोकार का सजीव उदाहरण गुरुवार को कचहरी स्थित जे. पी. मेहता इंटर कॉलेज परिसर में देखने को मिला, जहाँ अग्रणी सामाजिक संस्था संकल्प के तत्वावधान में छात्राओं एवं सहयोगियों को स्वेटर, शॉल सहित ऊनी वस्त्र वितरित किए गए।
इस पहल का उद्देश्य केवल ठंड से राहत देना नहीं, बल्कि छात्राओं के सपनों को ठिठुरने से बचाना था-ताकि सर्द मौसम उनकी पढ़ाई की राह में बाधा न बने। वितरण कार्यक्रम संकल्प संस्था के संस्थापक सदस्य संदीप जैन (आईआरएस), पारुल जैन, दीपांकर जैन एवं प्रांजल जैन के सहयोग से संपन्न हुआ। छात्राओं के कंधों पर शॉल और हाथों में स्वेटर देते हुए गीता जैन की मुस्कान उस विश्वास की प्रतीक बनी, जो समाज और शिक्षा के बीच सेतु बनती है।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती गीता जैन ने भावुक स्वर में कहा, “‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सिर्फ नारा नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। ठंड के दिनों में कई छात्राएं कठिन परिस्थितियों से जूझती हैं। हमारा छोटा-सा प्रयास उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास देने का है, ताकि वे बिना किसी डर के पढ़ाई जारी रख सकें।” उनके शब्दों में संवेदना भी थी और संकल्प भी-समाज को साथ लेकर आगे बढ़ने का।
कॉलेज के प्रधानाचार्य नृपकिशोर सिंह ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कमजोर वर्ग की छात्राओं के लिए ऐसी पहलें प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला कदम बताया, जो शिक्षा के साथ सम्मान और अवसर का मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम के अंत में संकल्प संस्था के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी इसी तरह की समाजसेवी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का दृढ़ संकल्प दोहराया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं रेखा सिंह, सरोज सिंह, राधा देवी, रविशंकर सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ठंड से लड़ती इस सुबह में बाँटी गई ऊनी वस्त्रों की गरमाहट ने यह संदेश दिया कि जब समाज साथ खड़ा होता है, तब शिक्षा की लौ कभी बुझती नहीं-और बेटियाँ पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की ओर कदम बढ़ाती हैं।
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