Varanasi

ऑस्ट्रिया के इंजीनियरों की टीम द्वारा किया जा रहा रोपवे का परीक्षण 

परीक्षण में गंडोला ,मोटर,केबल, कंट्रोल सिस्टम,सेफ्टी,  स्पीड,ब्रेकिग आदि की जांच कर सुरक्षा की जा रही सुनिश्चित 

  • रोपवे के संचालन के लिए चल रहा पहले सेक्शन का परीक्षण
  • 90 गंडोला के साथ,14 जुलाई से शुरू हुआ परीक्षण लगभग एक महीने चलेगा

वाराणसी :काशी विश्व के तीसरे शहर में शुमार होने जा रहा है,जहां मोदी-योगी की सरकार अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए देश के पहले रोप वे का निर्माण करा रही है। सरकार रोपवे के संचालन में सुरक्षा और सुगमता का विशेष ध्यान दे रही है। रोपवे प्रोजेक्ट की सुरक्षा और तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए ऑस्ट्रिया के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम द्वारा पहले सेक्शन के निर्माण  के लिए 90 गंडोला का परीक्षण किया जा रहा है। ये परीक्षण रोप वे के प्रथम चरण के पहले सेक्शन का कैंट रोपवे स्टेशन से रथयात्रा रोपवे स्टेशन तक किया जा रहा है। 14 जुलाई से शुरू हुआ परीक्षण लगभग एक महीने तक चलेगा। पहले सेक्शन का कार्य सितंबर तक पूरा होना प्रस्तावित है ।

रोपवे परीक्षण का उद्देश्य रोपवे की सुचारू और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है। इसके  लिए विदेशी विशेषज्ञों की टीम वाराणसी में डेरा डाले हुए है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के मुताबिक रोपवे का कमीशनिंग या परीक्षण  का काम चल रहा है। एक बार में तीन-तीन गंडोला को चलाया जा रहा है, रोपवे के कमीशनिंग में गंडोला ,मोटर, केबल, कंट्रोल सिस्टम ,सेफ्टी, स्पीड,ब्रेकिग आदि की जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है  कि वह पूरी तरह सुरक्षित और ठीक से काम कर रहा है। जिससे किसी भी खामियों को पहले ही दुरुस्त किया जा सके। 14 जुलाई से शुरू हुआ परीक्षण का काम लगभग एक महीने में पूरा होगा। 90 गंडोला को चलाकर परीक्षण किया जाएगा। कमीशनिंग  का पूरा काम ऑस्ट्रिया की लाइटनर कंपनी के इंजीनियरों की टीम द्वारा किया जा रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण रोपवे संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। सुरक्षा के सभी मानकों  के जांच के बाद ही रोपवे का संचालन सुनिश्चित होगा।

काशी आने वाले पर्यटकों को प्रदूषण रहित परिवहन की अच्छी सुविधा मिल सके इसके लिए रोपवे का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। पहले सेक्शन में रोपवे का पहला स्टेशन,कैंट रोपवे स्टेशन ,दूसरा विद्यापीठ स्टेशन और तीसरा स्टेशन रथयात्रा होगा।  दूसरे सेक्शन रथयात्रा से गोदौलिया तक कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके पूर्ण होने बाद कैंट से गोदौलिया तक हर देढ़ से दो मिनट के अंतराल में यात्रियों को गोंडोला उपलब्ध रहेगा। एक दिशा में एक घंटे में 3000 लोग यात्रा कर सकेंगे। यानि 6,000 लोग दोनों दिशा से एक घंटे में आ जा सकेंगे। गोदौलिया से कैंट रेलवे स्टेशन पहुँचने में लगभग 16 मिनट लगेगा।लगभग 148 ट्रॉली कार चलेगी। एक ट्रॉली में 10 पैसेंजर सवार हो सकते है। रोप वे का संचालन 16 घंटे होगा।

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