कमिश्नर ने पिशाचमोचन वार्ड का भ्रमण कर किया निरीक्षण

blankजलकल, जलनिगम समन्वय से पूरे वार्ड की सीवर, पेयजल, जलनिकासी की वृहद व्यवस्था सुनिश्चित करें

गली, खाली प्लाट आदि कही भी कूड़ा डंप नहीं हो

पूरे शहर के किसी भी वार्ड में कभी भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे कमिश्नर

वार्ड में पाई कमियों को संबंधित अधिकारियों को नोट कराकर तत्काल दुरुस्त करने के कमिश्नर ने दिए निर्देश

वाराणसी दिसंबर । कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पिशाचमोचन वार्ड की गलियों में डेढ़ घंटे पैदल घूमकर वहां की साफ सफाई, सीवरेज, जल निकासी, पेयजल सीसी व पत्थर निर्मित रोड का निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर सीवरेज चोक, खाली प्लाट में कूड़ा मिलने, निजी मकान का मलवा गली में पड़े रहने, कुछ लोग द्वारा मकान से कूड़ा गली में फेंकने, इक्का-दुक्का जगह गली में रोड के पत्थर सतह से ऊपर या नीचे होने जैसी सभी पॉइंट के कार्यों को कमिश्नर ने साथ चल रहे नगर निगम, जलकल, जल निगम के अधिकारियों को नोट कराते हुए तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि कार्य तकनीकी दृष्टि से पूरे कम्पेक्शन, ढलान, मजबूती के साथ हो। अन्यथा जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी।

निरीक्षण में बसंत पब्लिक स्कूल के पास सीवर टूटा मिला, एक जगह गली में गोबर पड़ा था। गली में प्राइवेट व्यक्ति का कबाड़नुमा स्कूटर व एक चार पहिया वाहन खड़ा था। एक मकान की बाहर मलबा था। कमिश्नर ने इन मकान मालिकों को नोटिस देने तथा हटाने का चार्ज लगाकर उससे गली साफ कराए जाने का निर्देश दिया। एलियांस हॉस्पिटल के सामने खुले में कूड़ा डालने पर कमिश्नर ने वहां बड़ा डस्टबिन रखने के निर्देश दिए। हरि पान वाले की गली में एक खाली प्लाट में कूड़ा डंप को साफ कराने के भी निर्देश दिए। इसी तरह एक पीपल वृक्ष के नीचे कूड़ा डालने तथा एक खुले स्थान में कूड़ा डंप को साफ करने के निर्देश दिए। सुपरवाइजर द्वारा यह बताने पर कि खाली प्लाट विवाद में होने से दावेदार व्यक्ति कूड़ा नहीं हटाने देते, इस पर कमिश्नर ने साफ कहा कि आपसी विवाद सक्षम स्तर पर हल करें। सफाई के लिए कोई रोक नहीं होती। सफाई करने से कोई व्यक्ति रोकता है तो बताएं उस पर कार्यवाही होगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने नगर निगम व वहां के जलकल, जलनिगम, जलनिकासी के अभियंताओं को निर्देशित किया कि एक-एक वार्ड का गहन सर्वे कर, निरीक्षण कर वहां क्या जरूरत है, उसका पूरा प्लान बनाएं और पूर्ण करें। जिसमें 10-15 वर्षों तक कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। छोटी-छोटी हल्की मरम्मत से पैसा व्यय हो जाता है और स्थाई समाधान नहीं होता व जल्दी ही पुनः समस्या पैदा होती है। इसके स्थान पर ठोस मजबूत पूरा कार्य करें। कार्य में तकनीकी का पूरा उपयोग हो। पानी, सीवर के चलने का ढलान, गली के पत्थर, सीसी रोड का कम्पेक्शन, जंक्शन प्वाइंट आदि समस्त कार्य तकनीकी दृष्टि से सही व मजबूत हो। कमिश्नर ने इस बात के संकेत दिए कि कार्यो में गड़बड़ी पाई जाने पर जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि वह शहर के किसी भी वार्ड में कभी भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा जिस वार्ड में निरीक्षण किया, वहां 15-20 दिन में पुनः भ्रमण करेंगे। संबंधित कार्यदाई संस्था अपने कार्यों को ठीक-ठाक कर ले। सघन पर्यवेक्षण व समस्या की जड़ तक पहुंचकर दुरुस्त करने से वार्ड चमक सकते हैं। लोगों को भी उनके दायित्वो यथा- स्वच्छता में सहयोग करें, गली में कबाड़/ मलवा नहीं डालें के संबंध में जागरूक एवं बताया जाए।
भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद आशु श्रीवास्तव सहित नगर निगम के अधिकारीगण व स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। भ्रमण के उपरांत कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सफाई चौकी पिशाचमोचन पर चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को निस्तारण कराएं जाने का निर्देश दिया।

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