2262 करोड़ से होगा शहर का कायाकल्प, सड़क खोदी तो होगी एफआईआर
वाराणसी नगर निगम ने बिना अनुमति सड़क खोदने पर एफआईआर दर्ज करने का सख्त निर्णय लिया है। 2026-27 के लिए 2262.42 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ, जिसमें सफाई, पेयजल, सीवर और शहर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में आम नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण मदों में बढ़ोतरी की गई है।
- महापौर अशोक तिवारी ने दिलाई शासन द्वारा मनोनीत दस पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ
वाराणसी। काशी की गलियों और सड़कों को बेतरतीब खुदाई को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है । अब पीडब्ल्यूडी, गेल, बिजली, केबल जैसे अन्य कोई भी विभाग बगैर अनुमति सड़क खोदेंगे, तो उनके खिलाफ सीधे एफआईआर (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी।.महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में आयोजित सदन की बैठक वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2575.44 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को भी हरी झंडी मिल गई, , जो शहर के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाला है। इसमें नगर निगम 2262.42 करोड़ तथा जलकल विभाग का 313.02 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट शामिल है ।

शहर की सूरत बदलने और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए इस बार कई प्रमुख मदों में बजट की राशि को काफी बढ़ाया गया है। विकास कार्यों की गति तेज करने के लिए निगम ने राजस्व और विकास के खर्चों में जो बढ़ोतरी की है। इसका सीधा असर आम नागरिक के जीवन पर पड़ेगा।बजट में आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। जनता की सीधी जरूरतों को देखते हुए कई मदों में पिछले साल के मुकाबले बड़ी वृद्धि की गई है ।
शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्जेस मद में 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनरी का उपयोग बढ़ाया जा सके। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जलकल के मद में 313.02 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। इसमें नए नलकूपों और सीवर लाइनों के बिछाने पर जोर है। इसी प्रकार शहर के पार्कों और हरियाली को संवारने के लिए बजट में विशेष बढ़ोत्तरी की गई है, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। अंधेरी गलियों को रोशन करने के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल काफी सकारात्मक रहा। उपसभापति नरसिंह दास ने जैसे ही बजट प्रस्ताव पेश किया, पार्षदों ने चर्चा शुरू की। पार्षद सुरेश चौरसिया, सिंधु सोनकर, इर्देश कुमार और राजेश यादव चल्लू सहित अन्य सदस्यों ने शहर की समस्याओं को सामने रखा। चर्चा के दौरान कुओं की सफाई, पार्कों के रखरखाव और कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के समय से भुगतान जैसे विषयों पर पार्षदों ने अपने सुझाव दिए। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी पार्षदों की बातों को ध्यान से सुना और सदन के पटल पर बिंदुवार स्पष्टीकरण देते हुए आश्वस्त किया कि शहर के विकास में किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं होगा।
घर-घर पहुंचेगा शुद्ध पानी, सीवर नेटवर्क होगा और मजबूत
शहर की प्यास बुझाने और सीवेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए जलकल विभाग ने इस वर्ष अपने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। जलकल के कुल बजट में से जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इसमें मुख्य फोकस पुराने नलकूपों की मरम्मत, नए पाइपलाइन विस्तार और सीवर पंपिंग स्टेशनों के आधुनिकिकरण पर है।
सीवर लाइनों की सफाई और रखरखाव पर जोर
शहर के पुराने इलाकों में सीवर चोक होने की समस्या को देखते हुए इस बार संचालन एवं रखरखाव मद में भारी बजट रखा गया है। सीवर पंपिंग स्टेशनों के संचालन और पाइपलाइनों की सफाई के लिए विशेष राशि तय की गई है। साथ ही अमृत योजना के तहत बिछाई गई नई सीवर लाइनों के मेंटेनेंस के लिए भी फंड बढ़ाया गया है।
पार्कों और कुओं का भी होगा कायाकल्प
सदन में पार्षदों ने पारंपरिक जल स्रोतों (कुओं) की बदहाली का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बजट में पार्कों के रखरखाव के साथ-साथ शहर के पुराने कुओं की सफाई और उनके संरक्षण के लिए भी फंड की व्यवस्था की गई है। पार्कों में नई लाइटें, हरियाली और बैठने की व्यवस्था को भी इस बजट से मजबूती मिलेगी ।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, कमीशनखोरी पर नपेगा विभाग : महापौर
निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सदन में महापौर का रूख बेहद कड़ा दिखा । निगम के भीतर व्याप्त कमीशनखोरी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुखिया होने के नाते विभाग की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने विशेष रूप से सामान्य विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में एक रुपये के भी कमीशन की बात सामने आती है, तो दोषी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ महापौर ने निगम की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि अगले वित्तीय वर्ष से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी के भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया जाए। अब कंपनी को उतना ही भुगतान किया जाएगा जितनी उनके द्वारा वसूली की जाएगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य निगम के संसाधनों का सही उपयोग करना और व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है।
मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ
बैठक की शुरुआत गरिमामय वातावरण में हुई, जहां महापौर ने शासन द्वारा नामित दस पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में कमलेश पाल, रामशंकर सिंह पटेल, संजीव चौरसिया, संतोष शोलापुरकर, मनोज यादव, कृष्ण कुमार, अंकुर मेहरोत्रा, मुन्ना सरोज, सत्यनारायण सहानी और सुधीर कुमार त्रिपाठी शामिल रहे।

बैठक का समापन ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संजय प्रताप सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन और मुख्य अभियंता आरके सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संजय प्रताप सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन और मुख्य अभियंता आरके सिंह सहित निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
एक नजर में बजट
मद का नाम आवंटित राशि (करोड़ रुपये में )
नगर निगम बजट 1949.40 करोड़
जलकल विभाग बजट 313.02 करोड़
कुल बजट (2026-27) 2262.42 करोड़
पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण
2024-25: 1049.17 करोड़ रुपये
2025-26: 1324.46 करोड़ रुपये
2026-27: 2262.42 करोड़ रूपये (आधार वर्ष 2023-24 से 2.69 गुना अधिक)


