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जैविक खाद के उपयोग से खेती के फायदे और सहजन (मोरिंगा) उत्पादन से किसानों की आय पर्याप्त वृद्धि संभव

जनपद सोनभद्र के सुअरसोत गांव में किसानों की कार्यशाला आयोजित

खलियारी (सोनभद्र) । जैविक खेती के लिए ‘वेस्ट डी कंपोजर’ सर्वाधिक आवश्यक तत्व है, बिना इसकी उपलब्धता के जैविक खाद का निर्माण नहीं किया जा सकता ‘वेस्ट डी कंपोजर’ के निर्माण विधि पर प्रकाश डालते हुए घर पर ही वेस्ट डी कंपोजर बनाए जाने की विधि सहित खरपतवारों एवं घर पर फेंक दिए जाने वाली चीजें से जैविक खाद तैयार करने की पूरी विधि आज जनपद सोनभद्र के नगवा विकासखंड के अंतर्गत सुअरसोत गांव में संजीवनी सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में किसानों के बीच जनपद मिर्जापुर के गांव खानपुर निवासी प्रगतिशील किसान और वर्षों से जैविक विधि से कृषि उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे योगेंद्र कुमार सिंह द्वारा प्रदर्शन व प्रयोग के माध्यम से कार्यशाला में उपस्थित सैकड़ों किसानों को समझाया गया। इसके साथ ही उपस्थित अनेकों किसानों को वेस्ट डी कंपोजर का वितरण भी किया गया।

कार्यशाला का आयोजन सोनभद्र जनपद के नगवा विकासखंड के अंतर्गत अत्यंत पिछड़े और आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के शिक्षा के उन्नयन, दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा के माध्यम से सशक्तीकरण,आदिवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और आदिवासियों को उन्नत कृषि के माध्यम से उनकी आय बढ़ाते हुए गरीबी उन्मूलन की दिशा में  अनेक वर्षों से कार्यरत संस्था संजीवनी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव डॉक्टर विद्यासागर पाण्डेय और संस्था के उप निदेशक दिवाकर द्विवेदी द्वारा किया गया।

कार्यशाला में सहजन (मोरिंगा ओलिफेरा) की खेती के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया। सहजन अथवा मुनगा के के बीज चयन सहित नर्सरी,रोपण की वैज्ञानिक विधि और उससे होने वाले उत्पादन के विक्रय पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित ग्रामीणों को सहजन के पत्ते,फल और छाल में मिलने वाले विटामिन,प्रोटीन और अन्य तत्वों के विषय में विस्तार से समझाया गया।उसके उपयोग से न केवल रोग मुक्ति अपितु शारीरिक पोषण और स्वास्थ्य संरक्षण के विषय में भी विस्तार से प्रकाश डाला गया कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों की भागीदारी रही।

इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चंद्र भूषण पांडे ने सभी किसानों से एकजुट होकर इसे अपनाने की अपील की गई और किसानों की सामूहिक शक्ति से इस पिछड़े क्षेत्र में जैविक विधि से जैविक विधि और सहजन की खेती को अपनाकर पूरे क्षेत्र की गरीबी उन्मूलन की दिशा में अग्रसर होने का आवाहन किया गया। कार्यशाला मैं उपस्थित किसानों को उ.प्र. अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व सदस्य रामसेवक सिंह खरवार द्वारा भी संबोधित किया गया  सुअर सोत गांव के प्रधान लालता यादव मड़या गांव के प्रधान अमृत लाल द्वारा भी अपने संबोधन से प्रेरित किया गया।

कार्यशाला में संस्था की ओर से श्री अशोक सिंह, संजीवनी बाल विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक संतोष तिवारी परशुराम यादव, उमाशंकर, विनोद कुमार, कुमारी देवी, अमरनाथ, हरिहर, रामराज, अमरनाथ यादव, राजाराम गुप्ता, रामपति, बबलू पटेल, बजरंगी सहित अनेकों किसानों ने प्रतिभाग किया।

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