
त्रिकोणीय मुकाबले में दुद्धी विधानसभा की लड़ाई हुई दिलचस्प
त्रिकोणीय मुकाबले में दुद्धी विधानसभा की लड़ाई हुई दिलचस्प
देवेश मोहन
दुद्धी, सोनभद्र – मतदान की तिथि ज्यों ज्यों नजदीक आ रही है, त्यों त्यों प्रदेश की अंतिम विधानसभा सीट 403 में राजनीतिक पारे का ग्राफ चढ़ता ही जा रहा है।अब तक भाजपा,सपा व बसपा के बीच का मुकाबला धीरे धीरे जनमानस के रुझान में परिवर्तित होने लगा है।जिससे यह मुकाबला अब सीधे-सीधे भाजपा गठबंधन, सपा व बसपा प्रत्याशी के बीच बनकर रह गयी है। इस विधानसभा सीट पर सपा की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टी भाजपा ने भी एक ही बिरादरी पर दांव खेलकर अपनादल गठबंधन की अपनी वर्तमान सीट कायम रखने की कोशिश तेज कर दी है। जबकि सपा ने अपनी खोई जमीन व जनाधार को वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
दुद्धी विधानसभा सीट से भाजपा गठबंधन ने 2017 के चुनाव में अपनादल प्रत्याशी हरीराम चेरो को मैदान उतारा था।जबकि इस बार भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है।जो भाजपा के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नही होगा।पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर है और किसी भी सूरत में भाजपा गठबंधन अपनी ये वर्तमान सीट खोना नही चाहती।वहीं सपा-बसपा ने भी इस सीट पर फतह के लिए एड़ी-चोटी एक कर दी है।धीरे-धीरे अन्तिम दौर में पहुंच रहे चुनाव को लेकर वोटरों ने पार्टीबन्दी भी शुरू कर दी है। इस बार किसी के लिए चुनावी मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा,समृद्ध अर्थव्यवस्था एवं विकास से जुड़ी है, तो किसी के लिए जातिगत समीकरण मायने रखते हैं।
प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के सपोर्टर वोटरों ने भी एक दूसरे का नब्ज टटोलना शुरू कर दिया है।जिससे पता चल सके कि कौन किस ओर जा रहा है।आज का चालाक हर वोटर अपनी बात और अपनी राय छिपाकर, सामने वाले से उसकी राय और वोट जानना चाहता है। इस लड़ाई में हार व जीत चाहे जिसकी हो,मगर इतना तो तय है कि इस बार का मुकाबला कांटे का ही होगा। जनपद के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र दुद्धी विधानसभा सीट से लगातार सात बार जीत दर्ज करने वाले आदिवासी नेता पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड़ के चुनावी मैदान में होने से नतीजे को लेकर सभी प्रमुख पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व की निगाहें दुद्धी विधानसभा पर टिकी रहती हैं।
इस विधानसभा में गोंड़ बिरादरी की बहुलता व विजय सिंह की मजबूत पकड़ को देखते हुए भाजपा ने भी गोंड़ वोट में सेंध लगाने के लिए इस बार गोंड़ बिरादरी के रामदुलार को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा गठबंधन किसी भी सूरत में अपना ये सीट खोना नही चाहती। वहीं सपा प्रत्याशी विजय सिंह अपने खोये जनाधार की वापसी हेतु एड़ी चोटी एक कर क्षेत्र में पूरी ताकत झोंक दी है। जबकि वर्तमान विधायक हरीराम चेरो अपनादल से नाता तोड़कर, बसपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में डटे हैं।
उन्हें अपने द्वारा पिछले पांच वर्ष में किए गए विकास कार्यों पर पूरा भरोसा है कि जनता उनके योगदान को आशीर्वाद के रूप में पुनः सेवा का अवसर देगी। अपने को मजबूत समझने वाले हर पार्टी और प्रत्याशी को इस बार कड़े मुकाबले का अंदेशा है।जिसको लेकर हर प्रत्याशी की एक एक वोट पर नजर है।पिछले चुनाव में मात्र 1085 मत से मात खाये पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड़ समेत कोई भी प्रत्याशी किसी प्रकार का जोखिम उठाना कत्तई नही चाहता।



