वाराणसी। गैंगेस्टर एक्ट के मामले में आरोपित को जमानत मिल गयी। विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) जनार्दन प्रसाद यादव की अदालत ने छित्तूपुर (लंका) निवासी आरोपित शिवलाल पाल को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शशिकांत राय “चुन्ना”, बिपिन शर्मा व शैलेन्द्र प्रताप सिंह सरदार ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार लंका थाना प्रभारी महेश पांडेय 10 नवंबर 2020 को क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान जनता के द्वारा ज्ञात हुआ कि आरोपित शिवलाल पाल का एक नजायज संगठित गिरोह है। जो इस गिरोह का मुखिया भी है। इसके गिरोह का सदस्य विशाल पाल है। यह लोग अपने अपने गिरोह के सदस्यों के लिए आर्थिक, भौतिक एवं बुनियादी लाभ के लिए गैंग बनाकर अपराध कारित करते है। इनकी दहशत इतनी ज्यादा है कि कोई इनके खिलाफ शिकायत करने या गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता है। जिसके बाद जिलाधिकारी की संस्तुति पर लंका थाना प्रभारी ने इनके खिलाफ लंका थाने में गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गयी कि आरोपित का न तो कोई संगठित गिरोह है और न ही वह किसी गिरोह का सदस्य है। उसके खिलाफ जो दो मुकदमे गैंग चार्ट में दिखाए गए है, उसमे उसकी जमानत पहले ही हो चुकी है। पुलिस ने रंजिशवश उसे आरोपित बना दिया गया है। अदालत ने पत्रावलियों व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपित की जमानत मंजूर कर ली।


