
जिला पंचायत का टेण्डर निरस्त कर,नये सिरे से हो टेंडर- सुरेन्द्र अग्रहरि
कर्मचारियों पर टेंडर रेट लीक करने का आरोप

दुद्धी,सोनभद्र – एक तरफ देश कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहा है ,इस स्थिति में सोनभद्र जिले फके मध्यमवर्गीय परिवार के लोग किस तरह से जीवन गुजार रहे हैं ,यह पीड़ा सिर्फ वही व्यक्त कर सकता है।उनको समझने वाला कोई नहीं है। उच्चवर्गीय परिवार तो अपने कार्यों में व्यस्त हैं और मजदूर वर्ग के लोग किसी तरह कोई काम भी करके अपने परिवार का गुजारा कर ले रहे हैं। लेकिन मध्यमवर्गीय परिवार किस प्रकार जी रहा है यह तो उन्ही की जुबानी सुनी जा सकती है और महसूस की जा सकती है।
जिला पंचायत सोनभद्र के द्वारा कई कार्य निकाले गए थे जिससे ठेकेदारों में खुशी थी ,लगभग 150 ठेकेदार के फर्म जिला पंचायत सोनभद्र में पंजीकृत है । उन सभी लोगो को उम्मीद थी कि दो दो तीन तीन काम मिल जाएंगे । लेकिन टेण्डर प्रक्रिया हो जाने के कारण कुछ बड़े ठेकेदारों ने इस टेण्डर प्रक्रिया को जिला पंचायत के कर्मचारियों की मदद से हाइजैक कर लिया।
भाजपा नेता सुरेन्द्र अग्रहरि ने जिला पंचायत सोनभद्र में होने वाले टेण्डर प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाते हुए अकाउंटेंट व लिपिक की भूमिका की जाँच कराये जाने की मांग जिलाधिकारी से की है। विंढमगंज जिला पंचायत सदस्य जगदीश यादव ने बताया कि दुद्धी, विंढमगंज, म्योरपुर, बभनी, रेनुकूट , अनपरा, कोन, डाला व अन्य क्षेत्रों के ठेकेदारो के डोंगल जमा करा लिए गए और बड़े ठेकेदारों के डोंगल नही जमा कराए गए जिससे वे अपने हिसाब से टेन्डर डाल दिये और हम लोगों को टेण्डर डालने के लिए अवसर भी नहीं मिला और हमारे क्षेत्र में होने वाले कार्य भी हम लोगों को नहीं मिल पाए ।उन्होंने बताया कि दुद्धी क्षेत्र में केवल दस कार्य प्रस्तावित था,उसमें से एक भी कार्य इधर के ठेकेदारो को नही मिल पाया।
जिला पंचायत सोनभद्र में पंजीकृत ठेकेदारो ने बताया कि जिला पंचायत के एकाउंटेंट व लिपिक की मिलीभगत से हम लोगों की बिलो रेट को बड़े ठेकेदारो से साझा कर, उससे अधिक बिलो डलवा दिया गया। जिससे हमलोगों को कार्य नही मिल पाया।श्री अग्रहरि ने जिलाधिकारी से ऐसे भ्रष्ट एकाउंटेंट व लिपिक की भूमिका की जाँच कराकर बर्खास्त करने एवं पूरी टेण्डर प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः नये सिरे से टेंडर कराने की मांग की है।



