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नीतीश कुमार की 10वीं शपथ के मौके पर दिखा यूपी-बिहार का मजबूत राजनीतिक तालमेल

बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने दोनों राज्यों के राजनीतिक और विकासात्मक सहयोग को नई दिशा दी। जैसे ही वे पटना एयरपोर्ट पहुंचे, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बिहार चुनाव में योगी आदित्यनाथ की सक्रिय भूमिका, प्रभावशाली जनसभाओं और जनता में लोकप्रियता ने एनडीए के पक्ष में माहौल मजबूत किया। उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि यूपी और बिहार विकास, सुशासन और सहयोग की दिशा में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।

  • बिहार में नई सरकार का गठन: शपथ ग्रहण में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : बिहार में नई सरकार के गठन के अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के तमाम मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो समर्थकों के बीच अद्भुत उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी की यह उपस्थिति न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच बढ़ते राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय को नई दिशा प्रदान करती है।

हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनेक जनसभाओं को संबोधित किया था। उनके प्रभावशाली वक्तव्यों, जनसंपर्क शैली और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चलाए गए चुनाव अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने पार्टी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरी थी।

चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लिए सुरक्षा, विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर जनता के बीच स्पष्ट और सशक्त संदेश दिए। बिहार की जनता के प्रति उनकी आत्मीयता और भरोसेमंद नेतृत्व शैली ने न केवल मतदाताओं को प्रभावित किया बल्कि भाजपा संगठन को भी मजबूत आधार प्रदान किया।

शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि विकासात्मक और सामाजिक सहयोग के दृष्टिकोण से भी दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्ते सदियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक साथ आना भविष्य में आपसी सहयोग की संभावनाओं को और व्यापक बनाता है।

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