स्टार्टअप इंडिया बना राष्ट्रीय आंदोलन, छोटे शहरों से वैश्विक मंच तक पहुंची उद्यमिता: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया आज नए भारत का निर्णायक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2016 में जहां देश में करीब 400 स्टार्टअप थे, वहीं अब इनकी संख्या दो लाख से अधिक हो गई है, जिससे लगभग 21 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। डीप टेक, एआई और उभरती तकनीकों पर फोकस के साथ स्टार्टअप क्रांति छोटे शहरों और गांवों तक फैल चुकी है।
- राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान, डीप टेक और छोटे शहरों से निकली उद्यमिता ने बदली देश की तस्वीर
नई दिल्ली : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया आज केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि नए भारत का निर्णायक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीते एक दशक में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है और अब यह रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बन चुका है।
पीयूष गोयल ने बताया कि वर्ष 2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के समय देश में लगभग 400 स्टार्टअप थे, जो आज बढ़कर दो लाख से अधिक हो चुके हैं। इन स्टार्टअप्स ने देशभर में करीब 21 लाख रोजगार सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि आज स्टार्टअप केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों से भी बड़ी संख्या में उभर रहे हैं, जो इस आंदोलन को वास्तविक अर्थों में राष्ट्रीय बना रहा है।
डीप टेक और उभरती तकनीकों पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय स्टार्टअप वर्तमान में 50 से अधिक क्षेत्रों—जैसे डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्री-टेक और एयरोस्पेस—में सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराने के लिए फंड ऑफ फंड्स के तहत 10,000 करोड़ रुपये की पहली किश्त के बाद दूसरी किश्त को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही 1 लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष डीप टेक अनुसंधान को वैश्विक स्तर तक ले जाने में सहायक होगा।
वैश्विक स्तर पर भारत के स्टार्टअप्स की बढ़ती स्वीकार्यता
पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया भर में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर गहरी रुचि है। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं में भी अब स्टार्टअप सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है और लगभग 100 देश भारत के साथ अंतर-स्टार्टअप सहयोग में रुचि जता रहे हैं।
राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (NSA 5.0): उत्कृष्ट स्टार्टअप्स को सम्मान
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार (एनएसए 5.0) के विजेताओं की भी घोषणा की गई। प्रमुख पुरस्कार इस प्रकार हैं:
कृषि-नवाचार पुरस्कार – एरीटे (महाराष्ट्र)
सर्वश्रेष्ठ डीप-टेक स्टार्टअप – ट्रिनानो टेक्नोलॉजीज (महाराष्ट्र)
बूटस्ट्रैप्ड स्टार्टअप पुरस्कार – पंप अकादमी (कर्नाटक)
फिनटेक क्रांति उत्प्रेरक – टिम्बल टेक्नोलॉजीज (दिल्ली)
हेल्थ-टेक उत्कृष्टता पुरस्कार – ब्लू फीनिक्स टेक्नोलॉजीज (महाराष्ट्र)
महिला नेतृत्व वाली नवोन्मेषक – एरिवेशन फैशनटेक (हरियाणा)
राज्यों की स्टार्टअप रैंकिंग (SRF 5.0): प्रदर्शन के आधार पर सम्मान
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्टार्टअप रैंकिंग (SRF 5.0) के परिणाम भी घोषित किए गए:
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता (श्रेणी A): गुजरात
शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (श्रेणी A): कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश
लीडर्स (श्रेणी A): आंध्र प्रदेश, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड
महत्वाकांक्षी लीडर्स: असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा
पीयूष गोयल ने कहा कि इन रैंकिंग्स से राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और जमीनी स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत@2047 की दिशा में स्टार्टअप्स की भूमिका
अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टार्टअप आज केवल नवाचार या रोजगार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दशक में भारतीय स्टार्टअप वैश्विक तकनीकी और उद्यमिता नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
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