
लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार में ‘खेल’, महापौर के निरीक्षण में खुली पोल
वाराणसी के लक्ष्मी कुंड जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। महापौर के निरीक्षण में घटिया निर्माण, बिना सफाई पेंटिंग और पत्थरों में सीपेज मिला। 3.57 करोड़ की परियोजना में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई गई। गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा भुगतान रोककर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वाराणसी। शहर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 3.57 करोड़ रुपये की लागत से सीएसआर फंड के तहत कराए जा रहे इस कार्य का सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब मिलने पर महापौर ने मौके पर ही अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही कुंड के चारों ओर स्थित पुराने पिलरों (खंभों) में देखने को मिली। इन पिलरों की न तो ठीक से सफाई की गई और न ही आवश्यक मरम्मत की गई, बल्कि धूल और गंदगी के ऊपर ही सीधे पेंटिंग कर दी गई। इस तरह की कार्यप्रणाली को देखकर महापौर ने गहरी नाराजगी जताई और इसे पूरी तरह लापरवाही करार दिया।
इसके अलावा, कुंड में लगाए गए नए पत्थरों में भी गंभीर खामियां पाई गईं। कई स्थानों पर अभी से पानी का रिसाव (सीपेज) नजर आने लगा है, जो निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पत्थरों की जुड़ाई भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिससे भविष्य में संरचना के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि लक्ष्मी कुंड के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर 22 मार्च को नगर निगम सदन की बैठक में क्षेत्रीय पार्षद राम गोपाल वर्मा ने गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यदायी संस्था मनमाने तरीके से काम कर रही है और गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पार्षद की शिकायत के बाद ही महापौर ने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया।
सोमवार को हुए इस निरीक्षण के दौरान पार्षद राम गोपाल वर्मा और नगर निगम के मुख्य अभियंता आरके सिंह भी उपस्थित रहे। महापौर ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि वह स्वयं इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कुंड के पानी का ट्रीटमेंट आधुनिक मानकों के अनुसार हो, ताकि जल स्वच्छ और उपयोग योग्य बना रहे।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्य की गुणवत्ता में तत्काल सुधार नहीं किया गया और लापरवाही जारी रही, तो संबंधित कार्यदायी संस्था का भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही, दोषी पाए जाने पर संस्था के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अब विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लक्ष्मी कुंड जैसे ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में पारदर्शिता और उच्च मानकों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी इस घटनाक्रम ने जोर दिया है।


