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सिंगापुर-भारत के लोग मोबाइल भुगतान प्रणाली के उपयोग से होंगे लाभान्वित

सिंगापुर : भारत और सिंगापुर एक ऐसी पारस्परिक व्यवस्था को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं जिसके अंतर्गत दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की मोबाइल भुगतान प्रणालियों का उपयोग कर बैंक खातों में तुरंत धन का हस्तांतरण कर सकेंगे।सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त पी कुमारन ने आसियान-भारत मीडिया संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत आए भारतीय पत्रकारों से शुक्रवार को बातचीत में कहा कि भारत की यूपीआई मोबाइल पेमेंट इंटरफेस और सिंगापुर की समकक्ष प्रणाली के बीच संपर्क स्थापित करने की तैयारी चल रही है और यह व्यवस्था इसी वर्ष के अंत तक चालू हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इससे सिंगापुर में काम कर रहे लाखों आव्रजक श्रमिकों के लिए बहुत ही कम खर्च पर तुरंत धन अपने घर भेजने में सुविधा हो जाएगी। भारत के करीब ढाई लाख नागरिक रोजी-रोजगार के लिए सिंगापुर में रहते हैं।श्री कुमार ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और सिंगापुर का मौद्रिक प्राधिकरण में काफी काम हो चुका है। परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है, अब किसी भी समय दोनों देशों के शीर्ष नेता आपस में बात कर इसके चालू होने की घोषणा कर सकते हैं। भारत के उच्चायुक्त ने कहा कि इसका विस्तार आगे चलकर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय संघ (आसियान) के कुछ अन्य देशों के साथ भी करना आसान होगा।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर ने आसियान देशों की वित्तीय प्रणालियों के साथ अपने जुड़ाव के लिए बहुत काम किया है। सिंगापुर के साथ यूपीआई संपर्क के बाद उन देशों की भुगतान प्रणालियों के साथ जुड़ाव का काम भी आसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के साथ यूपीआई के जुड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह दिखता है कि यहां काम करने वाले श्रमिक बहुत कम खर्च पर अपने घर छोटी रकम भेज सकेंगे। अभी उन्हें धन की अदला-बदली करने में काफी रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सिंगापुर का रुपया भारत के रुपये की तरह ही सुविधा, आसियान के देशों में मान्य है। इस तरह सिंगापुर के माध्यम से आसियान के दूसरे देशों के साथ रुपये को जोड़ना आसान हो सकता है।(वार्ता)

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