
शहीद उद्यान बना सामाजिक समरसता का गवाह, 83 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ
वाराणसी के सिगरा स्थित शहीद उद्यान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 83 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इसमें 80 हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए और तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की सहायता दी गई, जिसमें 60 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे गए और उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने योजना को गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया।
वाराणसी : सिगरा स्थित शहीद उद्यान गुरुवार को खुशियों और उल्लास का साक्षी बना, जब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 83 जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाज और गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में सामाजिक समरसता की सुंदर झलक देखने को मिली, जहां एक ही परिसर में विभिन्न समुदायों के जोड़ों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की।
समारोह में 80 हिंदू जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए, वहीं तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह इस्लामिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंगल गीत, पारंपरिक संगीत और परिजनों की खुशियों से शहीद उद्यान का वातावरण भावुक और उत्साहपूर्ण बना रहा।
जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद, योजना को बताया गरीबों का सहारा
समारोह के मुख्य अतिथि महापौर अशोक कुमार तिवारी और अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना से बेटियों की शादी अब परिवारों के लिए आर्थिक बोझ नहीं रह गई है और वे सम्मानपूर्वक अपनी बेटियों का विवाह संपन्न कर पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को सरकार की ओर से कुल एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 25 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
उपहार सामग्री और सहायता राशि का वितरण
समारोह के दौरान महापौर और अन्य अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को उपहार सामग्री और सहायता राशि से संबंधित दस्तावेज भेंट किए। उपहार सामग्री में घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं, जिससे नवविवाहित जोड़े अपने नए जीवन की शुरुआत सुगमता से कर सकें।
सामाजिक समरसता का बना उदाहरण
यह आयोजन सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ एक ही मंच पर विवाह बंधन में बंधे। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों और परिजनों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर पार्षद सुरेश चौरसिया, सिंधु सोनकर, प्रवीण राय, मदन मोहन दुबे सहित नगर निगम के कई अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की।
गरीब परिवारों के लिए सहारा बनी योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हो रही है।
शहीद उद्यान में संपन्न हुआ यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल नवविवाहित जोड़ों के लिए यादगार पल बना, बल्कि सामाजिक समरसता, सरकारी सहयोग और सामूहिक सहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
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