सेंसेक्स की तेजी में टॉप-10 कंपनियों के एमकैप में बड़ा उछाल, एफपीआई निवेशकों की मजबूत वापसी
बीते सप्ताह सेंसेक्स में डेढ़ फीसदी की तेजी के बीच बीएसई की शीर्ष 10 कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण में 2.62 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलआईसी और भारती एयरटेल को सबसे अधिक लाभ हुआ, जबकि टीसीएस और इंफोसिस को नुकसान झेलना पड़ा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से उत्साहित एफपीआई निवेशकों ने फरवरी के पहले सप्ताह में 15,492 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।
– शीर्ष 10 की सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,62,055 करोड़ रुपये बढ़ा
मुंबई : बीएसई के सेंसेक्स में रही डेढ़ फीसदी की तेजी के बीच पिछले सप्ताह बीएसई की शीर्ष 10 में शामिल सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,62,055 करोड़ रुपये बढ़ गया जबकि अन्य तीन का 1,32,206 करोड़ रुपये घट गया।विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 74,361 करोड़ रुपये बढ़ा। सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी एलआईसी का एमकैप 48,734 करोड़ रुपये और दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का 40,057 करोड़ रुपये बढ़ा।आईसीआईसीआई बैंक के एमकैप में 37,063 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस में 31,797 करोड़ रुपये की बढ़त देखी गयी।
एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 18,271 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनीलिवर का 11,771 करोड़ रुपये बढ़ा।देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस को एमकैप में 66,428 करोड़ रुपये और इंफोसिस को 55,486 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। भारतीय स्टेट बैंक के बाजार पूंजीकरण में 10,292 करोड़ रुपये की गिरावट रही।बाजार पूंजीकरण के मामले में 19,63,359 करोड़ रुपये के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर बनी रही। एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 14,48,250 करोड़ रुपये रहा और यह दूसरे स्थान पर रहा। भारती एयरटेल ने टीसीएस को पछाड़कर एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल किया। शुक्रवार को इसका बाजार पूंजीकरण 10,64,242 करोड़ रुपये रहा।
एफपीआई निवेशकों ने फरवरी में किया 15,492 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से उत्साहित विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) निवेशकों ने फरवरी के पहले सप्ताह में भारतीय पूंजी बाजार में 15,492 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।शुद्ध निवेश एफपीआई निवेशकों द्वारा पूंजीबाजार में लगायी गयी राशि और उनके द्वारा निकाली गयी राशि का अंतर होता है।सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई निवेशकों ने फरवरी में इक्विटी में 8,129 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। डेट में उनका शुद्ध निवेश 7,369 करोड़ रुपये रहा। हाइब्रिड उपकरणों में भी उन्होंने 68 करोड़ रुपये लगाये। म्यूचुअल फंड में उनका शुद्ध निवेश ऋणात्मक रहा। उन्होंने इससे 74.3 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की।
इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड में एफपीआई निवेशकों ने 17.95 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। डेट आधारित म्यूचुअल फंड से उन्होंने 53.51 करोड़ रुपये और हाइब्रिड उपकरणों पर आधारित म्यूचुअल फंड से 51.44 करोड़ रुपये निकाले। अन्य म्यूचुअल फंड में उन्होंने 48.6 करोड़ रुपये लगाये। इससे पहले जनवरी में एफपीआई निवेशक लगातार दूसरे महीने भारतीय पूंजी बाजार में बिकवाल रहे थे। उन्होंने साल के पहले महीने में शुद्ध रूप से 29,071 करोड़ रुपये निकाले थे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 02 फरवरी को टेलीफोन पर हुई वार्ता के बाद व्यापार समझौते पर सहमति की घोषणा की गयी थी। इससे एफपीआई निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिला और उन्होंने भारतीय पूंजी बाजार में लिवाली शुरू की।(वार्ता)
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