
धनतेरस पर काशी में सेवा का दीप प्रज्वलित – संकल्प संस्था ने बाँटी भक्ति, प्रसाद और मुस्कान
वाराणसी के चौक क्षेत्र में धनतेरस के पावन अवसर पर संकल्प संस्था द्वारा सेवा और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। संकल्प अन्न क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित सेवा शिविर में श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित कर खिचड़ी, मिष्ठान, फल और जल वितरण किया गया। श्रद्धालुओं, राहगीरों और जरूरतमंदों में प्रसाद पाकर भक्ति और संतोष का वातावरण बन गया। संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने कहा - काशी में कोई भूखा न रहे, यही मां अन्नपूर्णा की कृपा है।
- कार्तिक मास के दूसरे शनिवार को चौक क्षेत्र में संकल्प अन्न क्षेत्र द्वारा विशेष सेवा शिविर, जरूरतमंदों में खिचड़ी, लड्डू, फल और जल वितरण
वाराणसी। जब पूरी काशी दीपों से जगमगा रही थी, उसी पावन दिन धनतेरस पर संकल्प संस्था ने चौक क्षेत्र में सेवा और मानवता का दीप जलाया। कार्तिक मास के दूसरे शनिवार को संकल्प अन्न क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष सेवा शिविर ने त्योहार की खुशी को समाजसेवा की भावना से जोड़ दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित कर हुई, जिसके बाद श्रद्धाभाव से खिचड़ी, मिष्ठान (बूंदी लड्डू), मौसमी फल और जल सेवा की व्यवस्था की गई। चौक स्थित कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ के सामने लगे इस शिविर में सुबह से ही श्रद्धालुओं, राहगीरों, श्रमिकों और जरूरतमंदों की लंबी कतारें लग गईं।जैसे ही प्रसाद वितरण शुरू हुआ, वातावरण भक्ति, संतोष और कृतज्ञता से भर गया। कई वृद्धजन और श्रमिकों की आंखों में खुशी के आँसू थे। किसी ने कहा – “धनतेरस के दिन मिला यह प्रसाद हमारे लिए भगवान का आशीर्वाद है।”

संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने कहा – “मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ की कृपा से काशी को यह वरदान प्राप्त है कि यहाँ कोई भूखा नहीं रहेगा। धन त्रयोदशी जैसे पवित्र दिन यदि कोई भूखा रह जाए, तो यह हमारे धर्म और संस्कृति की आत्मा के विपरीत है। ‘संकल्प अन्न क्षेत्र’ के माध्यम से हम हर शनिवार और विशेष पर्वों पर जरूरतमंदों तक भोजन, मिष्ठान और फल पहुँचाने का प्रयास करते रहेंगे।” कार्यक्रम के सफल संचालन में *श्रीमती मृदुला अग्रवाल, अनिल पारीख,* और *सुनील पारीख* का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन, गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), अमित श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, रंजनी यादव, भईया लाल, और मनीष अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
भक्ति, सेवा और त्याग के इस अद्भुत संगम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि -“काशी केवल दीपों से नहीं, बल्कि दया, करुणा और सेवा से भी जगमगाती है।”
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