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रूस-यूक्रेन युद्ध: कीव में धमाके, बोरोडियांका तबाह,एक और भारतीय रूसी हमले का शिकार

जेलेंस्की ने पुतिन से की वार्ता की अपील, कहा- आइए मैं काटता नहीं हूं

कीव । यूक्रेन पर रूस के हमले के नौवें दिन यूक्रेन की राजधानी कीव में लगातार धमाके सुने जा रहे हैं। यूक्रेन का शहर बोरोडियांका तबाह हो गया है। रूसी सेना ने जापोरिज्जिया आणविक संयंत्र पर कब्जा कर लिया है और तीन शहरों ओडेसा, बिला त्सेरकवा और वोलिन ओब्लास्ट पर हवाई हमले की तैयारी चल रही है। यूक्रेन पर हमले के नौवें दिन भी रूस के हमलों की रफ्तार कम नहीं हुई है। बताया गया कि रूसी सेना कीव पर लगातार हमले कर रही है। वहां धमाकों की आवाजें सुनी गयी हैं। कीव में रूसी सेना के प्रवेश का दावा भी किया गया है। दरअसल कीव में तेज धमाकों से पहले रूसी सेना ने यूक्रेन स्थित यूरोप के सबसे बड़े आणविक संयंत्र जापोरिज्जिया पर हमला कर उसपर कब्जा कर लिया। इसमें छह रिएक्टर हैं। यह संयंत्र देश की लगभग 25 से 30 फीसदी परमाणु ऊर्जा की आपूर्ति करता है।

यूक्रेन प्रशासन का दावा है कि रूसी सेना ने यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा केंद्र के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। रूसी सेनाएं अन्य शहरों में भी तबाही मचाने में जुटी हैं। कीव से 60 किलोमीटर उत्तर पश्चिम स्थित बोरोडियांका शहर रूसी तोपखाने से हुए हमले से तबाह हो चुका है। रिहायशी व प्रशासनिक भवन ध्वस्त हो गए हैं और जगह-जगह धुआं उठता देखा जा रहा है। एक अन्य शहर चर्नीहीव पर मिसाइलों से हुए हमले में 33 लोगों की मौत की खबर है। रूसी सेना ने दक्षिणी शहर खेरसॉन में एक टीवी प्रसारण टॉवर को जब्त कर लिया है। इसके अलावा तीन शहरों ओडेसा, बिला त्सेरकवा और वोलिन ओब्लास्ट में हवाई हमले की तैयारी चल रही है। यूक्रेन प्रशासन ने यहां चेतावनी जारी कर इन शहरों के निवासियों को निकटतम सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा है।

यूक्रेन के आणविक संयत्र पर रूस के हमले की निंदा

लॉस एंजेल्स । अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकेन ने यूक्रेन के जापोरिज्जिया आणविक संयंत्र पर रूसी हमले की निंदा करते हुए इसे रूस का ग़ैर जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।अमेरिकी आणविक ऊर्जा अथॉरिटी ने कहा है कि इस संयंत्र को ज़रूर क्षति पहुंची है लेकिन इसके जिस रिएक्टर को निशाना बनाया गया था, उससे किसी तरह की विकिरण निकलने अथवा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। बता दें, आणविक लड़ाई की आशंका के मद्देनजर बुधवार को अमेरिका और रूस के बीच हाटलाइन स्थापित हो चुकी है ताकि दुनिया की दो सुपर पावर तीसरे महायुद्ध के ख़तरे से बचने के लिए अंतिम उपाय कर सकें। अमेरिका और रूस के बीच इस हाट लाइन स्थापित किए जाने पर रूस अभीतक आनाकानी करता रहा था। अमेरिकी संवाद समिति फाक्स न्यूज़ के अनुसार इस घटना के तुरंत बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य विश्व नेताओं से फ़ोन पर बातचीत में सहयोग की अपील की। गौरतलब है कि रूस की सेना ने शुक्रवार सुबह यूरोप के सबसे बड़े जापोरिज्जिया आणविक संयंत्र को घेर लिया था। रूसी टैंकों से आणविक संयंत्र पर गोले बरसाए।

यूक्रेन में एक और भारतीय रूसी हमले का शिकार, गोली लगने से छात्र घायल

कीव । यूक्रेन में एक और भारतीय रूसी हमले की चपेट में आ गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव में गोली लगने से एक भारतीय छात्र के घायल होने की जानकारी सामने आई है। छात्र कीव छोड़ने की कोशिश कर रहा था। घायल छात्र के इलाज के लिए उसे वापस ले जाया गया है। इससे पहले एक भारतीय छात्र की खारकीव पर रूसी हमले के दौरान मौत हो गयी थी और अस्पताल में भर्ती एक अन्य छात्र को भी जान चली गयी थी।यूक्रेन पर रूस के हमले के नौवें दिन भारत के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। नागर विमानन राज्य मंत्री वीके सिंह ने शुक्रवार को बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव में एक भारतीय छात्र कथित तौर पर गोली लगने से घायल हो गया है। वीके सिंह इस समय युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस भारत लाने के लिए पड़ोसी देश पोलैंड में हैं।

मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि आज उन्हें कीव छोड़कर जा रहे एक भारतीय छात्र को गोली लगने की जानकारी मिली है। उसे वापस कीव ले जाया गया है। सिंह ने कहा कि भारत सरकार यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है कि कम से कम नुकसान के साथ अधिक से अधिक भारतीय यूक्रेन से बाहर आ सकें। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से भारत युद्धग्रस्त देश में फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के रास्ते स्वदेश ला रहा है। इससे पहले एक मार्च को यूक्रेन के खारकीव में गोली लगने से कर्नाटक के छात्र नवीन एसजी की मौत हो गई थी। वह घटना के वक्त अपने और साथी छात्रों के लिये भोजन लेने बाहर निकला था।

जेलेंस्की ने पुतिन से की वार्ता की अपील, कहा- आइए मैं काटता नहीं हूं

कीव । रूसी हमले के खिलाफ डटकर मुकाबला करने के साथ कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से वार्ता का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आप आइए मैं काटता नहीं हूं। जेलेंस्की ने पुतिन की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ हाल में हुई मुलाकात की तस्वीरों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरे साथ बैठकर वार्ता कीजिए। 30 मीटर दूर बैठकर नहीं। बतादें कि पुतिन-मैक्रों की मुलाकात की तस्वीरों में एक बहुत लंबी मेज के एक छोर पर पुतिन और दूसरे छोर पर मैक्रों बैठे दिखाई दे रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं काटता नहीं हूं। आप किस बात से डरते हैं। जेलेंस्की ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच एक और दौर की वार्ता की संभावनाएं आशाजनक नहीं लगतीं, लेकिन फिर भी बातचीत करना समझदारी है। बातचीत जंग से बेहतर है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया बहुत धीमी गति से उनके देश की मदद कर रही है और पश्चिमी नेताओं से यूक्रेन पर नो-फ्लाई जोन लागू करने का अनुरोध किया ताकि रूसी लड़ाकू विमान वहां उड़ान न भर सकें। उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करने के इच्छुक न हों तो कम से कम यूक्रेन को लड़ाकू विमान ही उपलब्ध करा दें। इससे पहले अज्ञात स्थान से दो वीडियो में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के पास अपनी आजादी के अलावा खोने के लिए कुछ नहीं है। दो साल पहले यूक्रेन में कोविड का पहला केस दर्ज हुआ था और अब एक हफ्ते पहले एक और वायरस ने हमला किया है। उनका इशारा रूसी आक्रमण की ओर था। उन्होंने कहा कि उनके देश की रक्षा पंक्ति रूसी हमलों का डटकर सामना कर रही है। रूस की बदलती रणनीतियों और शहरों में नागरिक आबादी पर गोलाबारी से साबित होता है कि जमीनी हमले के जरिये तत्काल जीत हासिल करने के दावे वाली मास्को की शुरुआती योजना का यूक्रेन प्रतिरोध करने में सफल रहा है। यूक्रेन ऐसा देश है जिसने दुश्मन की योजना को एक हफ्ते में ही तोड़कर रख दिया है। हर अतिक्रमणकारी को पता होना चाहिए कि उन्हें यूक्रेनियों के भयंकर प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने अपने नागरिकों से अनुरोध किया कि रूसी सेना का डटकर सामना करते रहें। उन्होंने कहा कि 16 हजार विदेशी भी स्वेच्छा से यूक्रेन के लिए लड़ रहे हैं।

भावुक हुए जेलेंस्की

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन में बंदी बनाए गए रूसी सैनिकों को पता ही नहीं है कि वे यहां क्यों हैं। वे वापस रूस भाग रहे हैं। उन्होंने रूसी सैनिकों को ‘भ्रमित बच्चे’ बताते हुए कहा कि उन्हें रूस के उनके नेता इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने रूस से क्षतिपूर्ति शब्द का अध्ययन करने को भी कहा क्योंकि कीव मास्को से उसके आक्रमण से हुई क्षति के मुआवजे की मांग करेगा। अपने भावुक भाषण में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनियों ने दो विश्व युद्धों, होलोडोमोर के अकाल, बड़े पैमाने पर विनाश, सोवियत आतंक, चेर्नोबिल परमाणु विस्फोट, क्रीमिया के रूस में विलय और पूर्व में विद्रोहियों को उसके समर्थन का सामना किया है।उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास सबसे बड़ा भू-भाग नहीं है, हमारे पास परमाणु हथियार नहीं हैं, हम अंतरराष्ट्रीय बाजार को तेल और गैस भी उपलब्ध नहीं कराते लेकिन हमारे पास हमारे लोग हैं। हमारे पास हमारी भूमि है। इसी के लिए हम लड़ रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन को अपने संदेश में जेलेंस्की ने कहा कि जाओ अपने रूसी बोलने वालों को बचाओ। दुनियाभर में नहीं बल्कि अपने देश में। उनमें से कई वहां हैं, करीब 15 करोड़। जहां तक यहां की बात है- यूक्रेन को यश मिले।

लगातार हमलों के बाद भी यूक्रेन झुकने को तैयार नहीं, पुतिन ने कहा- हमले रुकेंगे नहीं

कीव। यूक्रेन पर रूस के लगातार हमलों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इमारतें खंडहर में तब्दील हो रही हैं, दो फीसदी जनसंख्या देश से पलायन कर चुकी है। इन तमाम विपरीत हालातों के बावजूद यूक्रेन झुकने के लिए तैयार नहीं है और न ही उसका जज्बा कम हो रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ किया कि यूक्रेन को सबक सिखाए बगैर हमले नहीं रुकेंगे। पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन को हथियार मुक्त करने से कम में युद्ध नहीं रुकेगा। इस बीच गुरुवार को भी रूसी हमलों से यूक्रेन के शहर थर्राते रहे। राजधानी कीव को चारों ओर से घेरकर आगे बढ़ रही रूसी सेना को हर कदम पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आमजन रूसी सैनिकों का मुकाबला कर रहे हैं।

यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्कीव में रूसी सेना लगातार हमले कर रही है। भीषण गोलाबारी और बमबारी से इस शहर में बीते 24 घंटे में 34 लोग मारे गए हैं। इस बीच यूक्रेन के बालाक्लीया शहर पर रूसी सेना का कब्जा होने की खबर है।यूक्रेन के शहरों में तेजी से हो रहा पलायनः रूस के हमले तेज होने से यूक्रेनी शहरों से पलायन भी तेज हुआ है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी संगठन के अनुसार अभी तक दस लाख से ज्यादा लोग देश से बाहर जा चुके हैं। इनमें से करीब आधे लोग पोलैंंड गए हैं। रूसी सेना पर करेंगे हमला- राष्ट्रपति जेलेंस्कीः यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एलान किया है कि अब उनकी सेना बचाव नहीं रूसी सेना पर हमला करेगी। बदली रणनीति में रूसी सेना ने अब समुद्र के तटीय शहरों पर हमले बढ़ा दिए हैं। बड़े बंदरगाह वाले शहर ओडेसा को घेरकर काला सागर और जमीन से हमले हो रहे हैं। खेरसोन पर रूस का कब्जाः समुद्र के किनारे बसे खेरसोन पर रूसी सेना ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। शहर के प्रमुख स्थानों पर कब्जे के बावजूद कुछ हिस्सों में छिटपुट लड़ाई जारी थी लेकिन गुरुवार को यह लड़ाई भी खत्म हो गई। यहां पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह है। अजोव सागर के तट पर स्थित मारीपोल शहर में भीषण लड़ाई के बीच रूस समर्थित विद्रोहियों ने यूक्रेनी सैनिकों से आत्मसमर्पण के लिए कहा है।

रूसी प्रशासन ने मीडिया पर कसा शिकंजा

लास एंजेल्स । रूसी प्रशासन ने मीडिया पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अमेरिकी मीडिया में खबरें आ रही है कि रूस के एक स्वतंत्र मीडिया नेटवर्क “टी वी रेन” और उनकी सोशल मीडिया वेबसाइट “दोझड” पर रूसी प्रशासन की ओर शिकंजा कसे जाने के बाद मुख्य सम्पादक और स्टाफ़ तामझाम बंद कर भूमिगत हो गए हैं।टीवी रेन के मुख्य सम्पादक तिकाओं दजयाली पत्रकार, एंकर और कर्मचारी के स्टेशन बंद कर भूमिगत हो गए हैं। बतादें कि इस टीवी स्टेशन से यूक्रेन में रूसी सेना की ओर से अमानवीय कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणियां की गई थी और एक अमेरिकी प्रवक्ता की बातचीत प्रदर्शित की गई थी। इसके साथ ही रूसी प्रशासन ने ट्विटर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। रूस के सबसे पुराने रेडियो स्टेशन इको मोस्कवा की खबरों पर भी संज्ञान लिया गया है। इन खबरों को लेकर रूसी सेना ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इस रेडियो के प्रवक्ता ने कहा है कि वह कोर्ट में चुनौती देंगे।

रूस से कच्चे तेल और गैस का आयात बंद करे अमेरिकाः सभापति नैन्सी पेलोसी

वाशिंगटन । अमेरिका में रूसी उत्पादों के आयात पर लोगों का ग़ुस्सा भड़क रहा है। कांग्रेस में निम्न सदन की सभापति नैन्सी पेलोसी ने गुरुवार को जो बाइडन प्रशासन से मांग की है कि रूस से कच्चे तेल और गैस का आयात तत्काल बंद किया जाए। इस सम्बंध में शीघ्र ही कांग्रेस में एक प्रस्ताव लाए जाने की मांग ज़ोर पकड़ रही है। नैन्सी पेलोसी ने गुरुवार को कैपिटल हिल भवन में प्रेस कांफ्रेंस में ज़ोर देकर कहा कि कच्चे तेल और गैस का आयात कर रूसी प्रशासन के राजस्व में बढ़ोतरी करने का कोई औचित्य नहीं है। रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद माइकल एम सी कॉल ने तीखे शब्दों में कहा कि रूस से कच्चे तेल का आयात किया जाना रूसी टैंकों में ईंधन भरने जैसा है। अमेरिका खुद एक बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसके बावजूद अपनी बढ़ती मांग के कारण उसे कनाडा और मेक्सिको से भी तेल आयात करना पड्ता है। अमेरिका प्रतिदिन रूस से चार लाख पांच हज़ार बैरल तेल का आयात करता है। इसके अलावा गैस का भी आयात किया जाता है ।

क्वाड देशों की ऑनलाइन शिखर वार्ता में छाया यूक्रेन पर रूस का हमला

नई दिल्ली । भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के संगठन क्वाड्रिलेटरल सेक्योरिटी डॉयलाग (क्वाड) की ऑनलाइन शिखर वार्ता में भी यूक्रेन पर रूस का हमला छाया रहा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनयिक प्रयासों और संवाद के सहारे समाधान पर जोर दिया। यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार तेज होता जा रहा है। इसी बीच क्वाड देशों की ऑनलाइन शिखर वार्ता में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने हिस्सा लिया। वार्ता के दौरान यूक्रेन पर रूस के हमले से उत्पन्न स्थितियों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों को राजनयिक और संवाद के पथ पर लौटने की जरूरत है। बातचीत और राजनयिक प्रयासों से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। नेताओं ने क्षेत्रीय संतुलन के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया। नेताओं ने भारतीय उपमहाद्वीप सहित विश्व के विभिन्न हिस्सों की गतिविधियों पर चर्चा की। सभी नेता आपस में संवाद व संपर्क बनाए रखने और जापान में प्रस्तावित शिखर वार्ता के एजेंडे पर भी सक्रिय रहने पर सहमत हुए। बैठक में सितंबर 2021 में हुए क्वाड सम्मेलन में लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गयी। सभी नेता आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। साथ ही जापान में प्रस्तावित सम्मेलन में मजबूत निर्णयों तक पहुंचने का संकल्प भी लिया गया। सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने सतत संवाद जारी रखने पर जोर दिया।

यूक्रेन की मदद को 75 अरब रुपये आवंटित करे कांग्रेसः बाइडन

वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन की मदद के लिए कांग्रेस से 75 अरब रुपये की आर्थिक मदद आवंटित किए जाने की अपील की है। उधर, कुछ घंटे में यूक्रेन और रूस के बीच बेलारूस और पोलैंड सीमा पर दूसरे दौर की बातचीत शुरू होनी है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह अपने लड़ाकू विमान युद्ध ग्रस्त यूक्रेन की मदद के लिए नहीं भेज सकता, हालांकि अमेरिका ने यूक्रेन-पोलैंड सीमा पर अपने तीन हज़ार सैनिक और युद्ध का साजो-सामान भेजा है। इसके लिए यूरोपीय देश भी आये दिन अस्त्र-शस्त्र और गोला-बारूद के साथ सैन्य सामग्री भेज रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यूक्रेन का कहना है कि रूस तत्काल युद्ध विराम घोषित करे और मानवीय हितों के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने पर सहमति दे। वहीं रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो की सदस्यता लेने से परहेज करे और क्षेत्रीय सुरक्षा की गारंटी दे। लिहाजा ये दोनों बातों पर रूस और यूक्रेन अड़े हुए हैं।

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