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एआई समिट के नतीजे प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य का निर्माण करेंगे: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए ‘AI Impact Summit’ में दुनिया भर के नेताओं, विशेषज्ञों और टेक इनोवेटर्स का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन में बड़ा बदलाव ला रहा है। सम्मेलन की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, जो मानव केंद्रित प्रगति पर आधारित है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यह समिट भारत को एआई नवाचार और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में नई पहचान दिलाएगा।

नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार से राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में शुरू हो रहे पांच दिवसीय वैश्विक सम्मेलन ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने पहुंचे दुनिया भर के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सम्मेलन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए कहा कि ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की साझा वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस समिट में दुनिया भर के नेता, उद्योग जगत के प्रमुख, नवप्रवर्तक, नीति निर्माता, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जो एआई के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट नवाचार, वैश्विक सहयोग, जिम्मेदार उपयोग और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा का मंच प्रदान करेगा। मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन के परिणाम एक ऐसे भविष्य के निर्माण में सहायक होंगे जो प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से परिपूर्ण होगा।”

उन्होंने भारत की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के 1.4 अरब लोगों की भागीदारी और क्षमता के कारण भारत एआई परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक शोध एआई के क्षेत्र में देश की महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को प्रदर्शित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि इस समिट में दुनियाभर से विशेषज्ञों का आना भारत के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन इस बात का भी संकेत है कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

‘एआई इम्पैक्ट समिट’ को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और जिम्मेदार तकनीकी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। इस सम्मेलन में एआई के भविष्य, उसके नैतिक उपयोग, नीति निर्माण और समाज पर उसके प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक आयोजनों से भारत की तकनीकी नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी और देश को एआई नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।(वार्ता)

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