रिमझिम फुहारों में सेवा का संकल्प : संकल्प अन्न क्षेत्र ने चौक में वितरित की खिचड़ी और जलेबी
बरसाती वाराणसी में संकल्प अन्न क्षेत्र की प्रेरक सेवा - संकटमोचन को भोग के बाद चौक में जरूरतमंदों को खिचड़ी और जलेबी वितरण।
- संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित करने के बाद जरूरतमंदों को परोसा गया प्रसाद – बरसाती सुबह में गर्म खिचड़ी और मीठी जलेबी बनी लोगों के लिए वरदान
वाराणसी। रिमझिम फुहारों और ठंडी हवाओं से भरी सुबह में वाराणसी का चौक इलाका सेवा और समर्पण की मिसाल बन गया। संकल्प संस्था द्वारा संचालित संकल्प अन्न क्षेत्र ने शनिवार को श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित करने के उपरांत चौक स्थित कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ के सामने खिचड़ी एवं जलेबी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन ने न केवल भूखों के पेट भरे, बल्कि सेवा और मानवीय संवेदना की उस परंपरा को पुनर्जीवित किया जिसके केंद्र में है – “अन्न ही ब्रह्म है।”
श्रद्धा और सेवा का संगम
सुबह से ही चौक क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। राहगीर, श्रमिक, रिक्शा चालक और बुजुर्ग महिलाएं-पुरुष, सभी बड़ी संख्या में वितरण स्थल पर पहुंचे। जैसे ही गर्मागर्म खिचड़ी और ताज़ी जलेबी लोगों के हाथों में पहुंची, वैसे ही उनके चेहरों पर तृप्ति और कृतज्ञता के भाव झलक उठे। बरसात में काम की तलाश में निकले कई श्रमिकों ने भावुक होकर कहा -“यह खिचड़ी हमारे लिए भगवान का प्रसाद है, जो इस मौसम में किसी वरदान से कम नहीं।”

“अन्न ही ब्रह्म है” – यही है संकल्प अन्न क्षेत्र की सोच
संकल्प अन्न क्षेत्र* का उद्देश्य केवल भोजन बांटना नहीं, बल्कि सेवा की उस भावना को जीवित रखना है, जो वाराणसी की आत्मा में बसती है। संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने बताया- “हमारा प्रयास है कि वाराणसी जैसी अन्नपूर्णा की नगरी में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। प्रत्येक शनिवार और विशेष अवसरों पर ऐसे अन्न क्षेत्र का आयोजन किया जाता है ताकि हर पेट तक भोजन पहुंचे और सेवा का यह भाव निरंतर जीवित रहे।” उन्होंने आगे कहा कि “जब संकटमोचन हनुमान जी को अर्पित प्रसाद जरूरतमंदों तक पहुंचता है, तभी वह सच्चे अर्थों में पूजा कहलाती है।”
आयोजन की सफलता में महिलाओं की भी अहम भूमिका
इस प्रेरणादायक आयोजन के संचालन में श्रीमती मृदुला अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। उन्होंने पूरे कार्यक्रम में व्यवस्थाओं का बारीकी से ध्यान रखा, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को प्रसाद सहज और सम्मानपूर्वक मिले।
समाज के प्रतिष्ठित जन भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन, गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), अमित श्रीवास्तव, प्रमोद, रंजनी यादव, भइया लाल, मनीष अग्रवाल सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
प्रेरणा बन रही है ‘संकल्प अन्न क्षेत्र’ की सेवा
संकल्प अन्न क्षेत्र न केवल जरूरतमंदों के पेट भरता है, बल्कि समाज को यह सिखाता है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। बरसात की बूंदों के बीच खिचड़ी की भाप और जलेबी की मिठास में जिस गर्मजोशी का अनुभव हुआ, वह वाराणसी की संस्कृति का सबसे सुंदर रूप था – जहाँ पूजा और सेवा एक-दूसरे का पर्याय बन जाती हैं।
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