संकल्प अन्न क्षेत्र ने पितृपक्ष पूर्व संकटमोचन को भोग अर्पित कर चौक में किया प्रसाद वितरण, सेवा कार्य से भावविभोर हुए लोग
“संकल्प संस्था का आह्वान – आओ मिलकर संकल्प लें, काशी में कोई भूखा न रहे।”. “आओ साथ आएं – संकल्प संस्था का संदेश, भूखे को अन्न ही सबसे बड़ा उपहार है।” .
- “संकल्प संस्था ने समाज से अपील की – हाथ बढ़ाइए, सेवा बढ़ाइए, ताकि कोई भी पेट खाली न सोए।”
- “संकल्प संस्था की पुकार – सहयोग करें, ताकि सेवा के इस यज्ञ में कोई भी भूखा पीछे न रह जाए।”
वाराणसी। पितृपक्ष से एक दिन पूर्व संकल्प संस्था द्वारा संचालित “संकल्प अन्न क्षेत्र” ने श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित करने के बाद चौक क्षेत्र में विशाल प्रसाद वितरण और जल सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ के सामने हुए इस आयोजन में खिचड़ी, बुंदिया, चने की घुघनी, ताजे फल और शीतल जल का वितरण किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में राहगीर, श्रमिक, रिक्शा चालक, महिलाएँ और बच्चे इस सेवा कार्यक्रम का हिस्सा बने। गर्मागर्म खिचड़ी और प्रसाद पाकर सभी के चेहरे आभार और संतोष की भावना से दमक उठे। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह सेवा न केवल भूख मिटाती है, बल्कि मन में श्रद्धा और विश्वास भी जगाती है कि काशी में मानवता और सहयोग की परंपरा जीवित है।
संस्था के संस्थापक सदस्य आलोक कुमार जैन ने कहा – “अन्न ही जीवन का आधार है और काशी मां अन्नपूर्णा की नगरी में कोई भूखा रह जाए, यह सबसे बड़ी विडंबना है। जब संकटमोचन को अर्पित प्रसाद जरूरतमंदों तक पहुंचता है, तभी वह सच्ची पूजा कहलाती है। सेवा का यही भाव संकल्प अन्न क्षेत्र की प्रेरणा है।” उन्होंने आगे बताया कि संस्था प्रत्येक शनिवार, विशेष पर्व-त्योहार और पितृपक्ष जैसे अवसरों पर निःशुल्क भोजन वितरण और सेवा कार्य करती है। संकल्प संस्था का उद्देश्य यही है कि “कोई भी जरूरतमंद खाली पेट न रहे।”

इस अवसर पर संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने समाज के सभी वर्गों से इस पुनीत कार्य में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा – “यह सेवा केवल संस्था या कुछ लोगों का कार्य नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। यदि हर परिवार संकल्प ले कि भूखों को भोजन कराएंगे, तो कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। मैं सभी गणमान्यजनों और समाजसेवियों से निवेदन करता हूँ कि इस पुण्य कार्य में आगे आएं और संकल्प अन्न क्षेत्र को सहयोग दें।” उनकी अपील के बाद कई लोगों ने संस्था से जुड़ने और नियमित सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।
योगदान और उपस्थिति
कार्यक्रम की सफलता में आलोक कुमार जैन, श्रीमती संगीता जैन, रूपल जैन आशु (महावीर विहार), श्रीमती मृदुला अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। मौके पर गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), अमित श्रीवास्तव, प्रमोद, रंजनी यादव, भईया लाल, मनीष अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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