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रामोत्सव 2024:रोजगार के नए अवसर सृजित करने में कारगर बन रही पेइंग गेस्ट योजना

योजना के तहत अब तक प्राप्त हो चुके हैं 600 आवेदन, 464 लोगों को प्रदान किया जा चुका है सर्टिफिकेट.मिलेट्स के व्यंजनों पर भी जोर, उप्र पर्यटन विभाग की योजना अयोध्या में अतिथि देवो भवः का बन रही उत्कृष्ट माध्यम.

  • योगी सरकार की इस योजना से अवध की थाली का स्वाद भी चखेगी दुनिया

अयोध्या : योगी सरकार की ‘नव्य अयोध्या’ परियोजना साकार रूप लेने लगी है। इस ‘नव्य अयोध्या’ में आने वाले आगंतुकों के लिए उप्र पर्यटन विभाग की पेइंग गेस्ट योजना वरदान साबित हो रही है। यह योजना जहां प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक योगदान दे रही है, वहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। रामनगरी में इस योजना के तहत अभी तक 600 लोगों ने आवेदन किए हैं, जबकि 464 लोगों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है। योजना के जरिए उप्र प्रदेश पर्यटन विभाग अवध की थाली के स्वाद के तड़के को साधु-संतों व देश-विदेश से आने वाले अतिथियों तक नई पहचान दिलाएगा। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के तहत होम स्टे में मिलेट्स के व्यंजन परोसे जाने पर भी जोर दिया जा रहा है। यात्रियों, श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के रहने का उत्तम प्रबंध सुनिश्चित कर रही पेइंग गेस्ट योजना के जरिए रामनगरी में रोजगार के भी अवसर वृहद स्तर पर सृजित किए जा रहे हैं।

अवध की थाली और मिलेट्स के व्यंजन परोसने पर जोर

योगी सरकार का प्रयास है कि अवध की थाली को देश-विदेश में नई पहचान मिले। अवध की थाली के जरिए यहां के मूल अनाज को वैश्विक पटल तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस थाली में मटर का निमोना, चावल, फरा, मूंग, बेसन, मसूर की दाल आदि जैसे स्वादिष्ट पकवानों का उत्तम जायका परोसा जाएगा। वहीं बाजरा, ज्वार, कोदो, रामदाना आदि मिलेट्स से बने विभिन्न प्रकार के व्यंजन भी आगंतुकों तक पहुंचें, इस बात को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

पेइंग गेस्ट योजना में पंजीकरण के लिए बेसिक प्रपत्र की आवश्यकता

इस योजना के लिए स्वामित्व संबंधी अभिलेख, स्वीकृत मानचित्र, चरित्र प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल की कॉपी, मकान व कमरे की फोटो, आवेदक की दो फोटो देनी होगी। होम स्टे की बुकिंग ‘होली अयोध्या’ ऐप के माध्यम से की जाती है जिसे अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा विकसित कराया गया है। इस परियोजना में विभिन्न प्रकार के लोकेशंस पर उपलब्ध होम स्टे, उन होम स्टे में उपलब्ध कमरों की संख्या, मिलने वाली सुविधाएं, पर्सनल कस्टमाइजेशन तथा किराये जैसे विवरणों को अंकित किया गया है। इसे देखकर पर्यटक व श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार होम स्टे को बुक कर सकते हैं। इन पेइंग गेस्ट बेस्ड होम स्टे का किराया 1500 से 2500 रुपये तक निर्धारित किया गया है। इन पेइंग गेस्ट बेस्ड होम स्टे के रूप में अयोध्या में नव रोजगार सृजन का माध्यम भी विकसित हो गया है। इन होम स्टे के संचालन प्रक्रिया के जरिए स्थानीय व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को कई प्रकार के रोजगारों का भी अवसर मिल रहा है।

प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने पर भी योगी सरकार का जोर

योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, अयोध्या विकास प्राधिकरण व पर्यटन विभाग पेइंग गेस्ट योजना को लेकर काफी मुस्तैद है क्योंकि यह अयोध्या में पर्यटन का माहौल विकसित करने के साथ ही स्वरोजगार तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करने का माध्यम भी बन रहा है। इस क्रम में जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने निर्देश दिया है कि पेइंग गेस्ट हाउस के संचालन के लिए चरित्र प्रमाण पत्र पुलिस द्वारा समय से आवंटित किया जाए। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने अयोध्या में करीब एक हजार घरों को पेइंग गेस्ट हाउस के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य दिया था। ऐसे में, इस सम्बंध में निरंतर प्रार्थना पत्र शासन के पास पहुंच रहे हैं तथा शासन इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि उक्त के सम्बंध में सभी लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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