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PM Mudra yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 3 वर्षों में 1.12 करोड़ से अधिक रोजगार पैदा हुए

नागरिकों को कारोबारी माहौल में सुधार और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार प्रतिबद्ध है। वहीं छोटे व लघु उद्यमियों को रोजगार देने की बात करें तो सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने तीन सालों में 1.12 करोड़ शुद्ध अतिरिक्त रोजगार पैदा करने में अहम भूमिका निभाई है। यह जानकारी संसद के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ भागवत किसानराव ने दी है।

इस दौरान मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राजस्थान राज्य में दिए गए कुल 81 लाख ऋणों में से 52 लाख से अधिक ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए हैं। यह महिलाओं के ऋण का 64% है। आगे मंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना से संबधिंत सभी मामलों के निवारण के साथ ही समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है। इस लेख में जानिए मुद्रा योजना के अहम पहलुओं को….

मुद्रा योजना के तहत 64 प्रतिशत महिलाओं के खाते

मुद्रा योजना के तहत ऋण लेने वाले उद्यमी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। लेकिन इस योजना के तहत सबसे बड़ा लाभार्थी समूह महिलाओं का है। इस योजना के तहत खोले गए ऋण खातों में से 64 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं। जबकि इसके तहत 22 प्रतिशत ऋण नए उद्यमियों को दिया गया है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में

आय सृजन गतिविधियों के निर्माण में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का विशेष योगदान है। इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी। योजना के तहत देश के लोगों को खुद का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम 10 लाख तक का लोन दिया जा रहा है। अगर कोई भी व्यक्ति अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो वह भी लोन ले सकते हैं। लोगों को इस योजना के अंतर्गत लोन लेने के लिए एक मुद्रा कार्ड जारी किया जाता है।

सरकार द्वारा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और सूक्ष्म वित्त सस्थानों के लिए पीएम मुद्रा लोन के अंतर्गत एक वार्षिक लक्ष्य रखा आंवटित किया जाता है।

मुद्रा योजना के तहत तीन प्रकार के लोन

मुद्रा योजना की सबसे अहम बात है कि इसमें बिना किसी गांरटी कारोबार की शुरुआत करने के लिए लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत तीन प्रकार का लोन शिशु, किशोर और तरुण में दिए जाते हैं।

  • शिशु: 50,000 रुपये तक के ऋण।
  • किशोर: 50,000 रुपये से अधिक और रु. 5 लाख रुपये से कम के ऋण।
  • तरुण: 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के ऋण।

जानिए किन क्षेत्रों में ले सकते हैं मुद्रा लोन

मुद्रा योजना के माध्यम से किसान या उद्यमी विनिर्माण, कृषि आदि से संबंधित क्षेत्रों के माध्यम से आय अर्जित करने के लिए लोन ले सकते हैं। इस योजना के तहत टर्म लोन और कार्यशील पूंजी दोनों के लिए ऋण दिया जाता है। इसके तहत मुर्गी पालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन, कृषि सहित विनिर्माण व्यापार और सेवा क्षेत्रों में लोन दिए जाते हैं। साथ ही इस योजना के अंतर्गत कमर्शियल वाहन जैसे ट्रैक्टर, ऑटो रिक्शा, ट्रॉली, माल परिवहन वाहन, तीन पहिया वाहन, ई-रिक्शा खरीदने के लिए लोन लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि इस योजना ने विशेष रूप से छोटे व्यवसायों के लिए एक कुशल वातावरण बनाने में मदद की है और जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किये है। हांलाकि नई पीढ़ी के आकांक्षी युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यह सुनिश्चित किया जाता है कि शिशु श्रेणी के ऋणों को प्राथमिकता दी जाए और इसके बाद किशोर तथा तरुण श्रेणियों के ऋणों पर ध्यान दिया जाए।

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