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पश्चिम एशिया में शांति भारत की प्राथमिकता, संवाद से ही समाधान संभव : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को भारत के सुरक्षा हितों से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान संवाद और शांतिपूर्ण तरीकों से होना चाहिए। भारत और इजरायल ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने, मुक्त व्यापार समझौते और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दोहराया और नवाचार, एआई, कृषि तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

यरुशलम : पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि इस क्षेत्र के साथ भारत के हित सीधे हुड़े हुए है और क्षेत्र के मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीकों से निकाला जाना चाहिए।ईरान के परमाणु कार्यक्रम और वहां मानवाधिकारों की स्थिति को ले कर उसके और अमेरिका के बीच टकराव की बढ़ती आशंकाओं के बीच श्री मोदी ने कहा कि भारत और दुनिया के विकासशील देश शुरू से चाहते हैं कि मसलों का समाधान संवाद और शांतिपूर्ण तरीके से हो।प्रधानमंत्री ने इजराइल की यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन यहां इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ साझा संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है।” उन्होंने कहा कि ” ग्लोबल साउथ ( विकासशील देश) और पूरी मानवता की पुकार भी यही है।

“श्री मोदी ने कहा, ‘भारत की सोच स्पष्ट है: मानवता कभी भी किसी लड़ाई के बीच न पिसे।” प्रधानमंत्री ने अमेरिकी पहल से गाजा क्षेत्र में शांति और विकास के लिए तय की गयी योजना के प्रति भारत के समर्थन को दोहराते हुए कहा, ‘ गाजा शांति योजना से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।”उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया के साथ भारत के सदियों पुराने आर्थिक , वाणिज्यिक , सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंध है। नये युग में भारत अपनी ऊर्जा की जरूरतों और वाणिज्यिक आदान प्रदान, माल परिवहन और कई सामरिक महत्व के मामलों में पश्चिम एशियाई देशों के साथ गहराई से जुड़ा है।प्रधानमंत्री ने श्री नेतन्याहू के साथ आज प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आयोजित इस संयुक्त सवादाता सम्मेलन में यह भी कहा, ‘ आज हमने क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। क्षेत्रीय सम्पर्क सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए, हम भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक कॉरीडॉर (आई-मेक) और भारत-इजराइल- यूएई- यूएसएस (अमेरिका) यानी “आई-2-यू-2” पर नई गति से आगे बढ़ेंगे।

“श्री मोदी ने अपने वक्तव्य में आतंकवाद के प्रति भारत के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि इजराइल भी इसी राय का है। उन्होंने कहा, ‘ भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी तरीके के आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल “कंधे-से-कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं, और आगे भी करते रहेंगे।”प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी इस यात्रा में भारत और इजराइल ने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल आपसी मुक्त व्यापार सझौते को जल्द ही अंतिम रूप देंगे।

भारत और इजराइल द्विपक्षीय मंत्री स्तरीय बैठकों की व्यवस्था पर सहमत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देश भविष्य में नियमित तौर पर द्विपक्षीय मंत्री स्तरीय बैठकों की व्यवस्था पर सहमत हुए हैं।श्री मोदी की यात्रा के दूसरे और अंतिम दिन गुरुवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी घोषणा की। दोनों देशों के बीच संबंधों में नवाचार को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं का है जो नवाचार करते हैं, और इजराइल तथा भारत नवाचार के लिए प्रतिबद्ध हैं।नियमित मंत्री स्तरीय बैठकों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, “हम प्राचीन सभ्यताएं हैं, अपने अतीत पर बहुत गर्व करने वाली, लेकिन भविष्य को अपनाने के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित – और हम इसे साथ मिलकर और बेहतर कर सकते हैं। हमने भारत में जी2जी (सरकारों के बीच) बैठक करने का निर्णय लिया है।

“उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने “भारत के असाधारण रूप से प्रतिभाशाली लोगों और इजराइल के लोगों” के साथ सहयोग पर चर्चा की, और इसे ठोस रूप देने पर सहमत हुए।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्री मोदी “प्रिसिजन एग्रीकल्चर” की बात करते हैं जिसमें पूरे खेत की बजाय उसके एक विशेष हिस्से की सिंचाई की जाती है जहां इसकी जरूरत है। उसी प्रकार उन्होंने विशेष छात्र के मस्तिष्क को सींचने की सलाह दी जिसमें “प्रिसिजन एजुकेशन” की बात हो।श्री नेतन्याहू ने कहा, “अब हमारे पास ऐसा सॉफ्टवेयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) है, जिससे हम हर युवा छात्र – लड़का या लड़की – तक पहुंच सकते हैं और उन्हें उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने में सक्षम बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि जो सीमाएं पहले बाधा होती थीं, वे अब समाप्त हो गयी हैं। अब भविष्य उन्हीं का है जो उसे अपनाते हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “आपकी सरकार अत्यंत कुशल है। आप एक मंत्री और एक राजदूत के साथ जो कर सकते हैं, वह अद्भुत है।” उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान “हमारे बीच जो दिलों और दिमागों का मिलन हुआ है”, वह मंत्री स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भी जारी रहेगा। इससे दोनों देशों के बीच परस्पर लाभ को गति मिलेगी।उन्होंने कहा कि वह अपनी व्यक्तिगत मित्रता और अपनी सरकारों तथा अपने लोगों के बीच की मित्रता को गहराई से महसूस करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री मोदी की इस यात्रा के परिणामस्वरूप यह मित्रता आगे भी जारी रहेगी, फले-फूलेगी और मजबूत होगी।अपने निजी जीवन के लिए भी भारत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए श्री नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा से एक भारतीय रेस्त्रां में अपनी मुलाकात का किस्सा साझा किया।

उन्होंने बताया, “मैं पहली बार सारा से मिला था, तो हमारी पहली या दूसरी मुलाकात तेल अवीव के एक भारतीय रेस्तरां में हुई थी। उसका नाम रीना पश्काना था। …और मुझे कहना होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है – सबसे पहले तो खाना अविश्वसनीय था, और सारा ने उसे पहली बार चखा था, इसलिए वह एक शानदार पहली मुलाकात थी। केवल भोजन ही नहीं, मुलाकात भी उत्कृष्ट थी। तो स्पष्ट रूप से, मैं और मेरे बच्चे आपके ऋणी हैं।”

मोदी ने किया यरुशलम में नवाचार प्रदर्शनी का दौरा, भारत-इज़रायल टेक साझेदारी को मज़बूत करने पर दिया ज़ोर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरूशलम में आयोजित एक विशेष नवाचार प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों की अत्याधुनिक इजरायली प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर भारत और इजरायल के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग के गहराते संबंधों को रेखांकित किया गया।प्रदर्शनी में क्वांटम तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य-तकनीक, स्मार्ट मोबिलिटी, साइबर सुरक्षा, जल प्रबंधन, कृषि, जलवायु-तकनीक, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों की उन्नत नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। (वार्ता)

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