UP Live

हिन्दू जीवन दर्शन पर चलने से ही संपूर्ण विश्व में ‌शांति एवं समरसता संभव

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती

जौनपुर। गंगा महासभा एवं अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज (काशी) ने यहां कहा कि “संपूर्ण विश्व में शांति एवं समरसता की स्थापना के लिए, संपूर्ण विश्व के नागरिकों को हिंदू जीवन दर्शन पर चलते हुए हिंदू जीवन पद्धति अपनाना होगा” गोपाष्टमी के पर्व पर ‘प्रज्ञा प्रवाह’ के तत्वावधान में उत्सव होटल सभागार में आयोजित “हिंदू जीवन दर्शन : वैश्विक शांति एवं समरसता का आधार” विषयक संगोष्ठी में स्वामी जीतेंद्रानंद मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।‌

उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व आज मजहबी कट्टरता के कारण विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा है ,इसे रोकने एवं ठोकने का कार्य भारत की महाशक्ति कर रही है। आज संपूर्ण विश्व का नेतृत्व भारत कर रहा है। हमें सनातन धर्म की पुनः प्रतिष्ठा हेतु हिंदू नवयुवकों में शौर्य एवं साहस का संचार करने के लिए अपने गौरवशालीअतीत के नायकों के जीवन चरित्र को पढ़ाना होगा। संगोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज के सदस्य प्रोफेसर आर. एन. त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी का अभिनंदन किया गया। संगोष्ठी का संचालन विभाग संयोजक संतोष त्रिपाठी ने किया। मंचस्थ अतिथियों का परिचय तिलकधारी महाविद्यालय में कृषि अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रज्ञा प्रवाह जौनपुर के सदस्य डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने कराया तथा विषय प्रवर्तन प्रज्ञा प्रवाह उन्मेष के अध्यक्ष एवं तिलकधारी महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. राधेश्याम सिंह ने किया।आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रज्ञा प्रवाह के विभाग सह संयोजक, माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्रीमान संतोष कुमार सिंह ने किया। संगोष्ठी के आरंभ में पंडित निशाकांत द्विवेदी जी के सान्निध्य में पुरोहित बंधुओं ने स्वस्तिवाचन एवं संगोष्ठी का समापन स्वयंसेवक केशव शुक्ल द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुआ।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button