एक दिन, एक मंच, एक संदेश-बाबा गणिनाथ पूजनोत्सव ने जोड़ा हर पीढ़ी को
वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल द्वारा आयोजित बाबा गणिनाथ जी का भव्य पूजनोत्सव एवं मद्धेशिया पारिवारिक मिलन समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विधिवत पूजन, सामाजिक विचार-विमर्श, वैवाहिक परिचय सम्मेलन, सम्मान समारोह और पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया। समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना दिया।
- पूजन, पारंपरिक खेल और सामाजिक संवाद के बीच यह क्यों कहा गया-नए साल की असली शुरुआत मंदिर से होनी चाहिए?
वाराणसी। आस्था की ज्योति, परंपरा की गरिमा और सामाजिक समरसता के भावनात्मक संगम का साक्षी बना काशी का सारनाथ क्षेत्र, जहाँ बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल, वाराणसी द्वारा आयोजित बाबा गणिनाथ जी का भव्य पूजनोत्सव एवं मद्धेशिया पारिवारिक मिलन समारोह रविवार को श्रद्धा, उल्लास और अपनत्व के वातावरण में सम्पन्न हुआ। पंचकोसी पांडेयपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र गुप्ता (मामा जी) के लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों-बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों-की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिसने आयोजन को सचमुच “परिवार का उत्सव” बना दिया।
समारोह का शुभारंभ कुल गुरु बाबा गणिनाथ जी के विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि के बीच उपस्थित जनसमूह ने बाबा से समाज की एकता, उन्नति और सद्भाव के लिए प्रार्थना की। भक्ति-भाव से सराबोर वातावरण में हर चेहरा श्रद्धा से दमकता दिखा-मानो परंपरा स्वयं वर्तमान से संवाद कर रही हो। कार्यक्रम में यह महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई कि एक जनवरी 2026 को स्वजातीय बंधुओं का समूह प्रातः 9 बजे सपरिवार बाबा गणिनाथ मंदिर, मुकीमगंज में दर्शन-पूजन कर नववर्ष का शुभारंभ करेगा। यह आह्वान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का संकल्प भी है- जिससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।

मुख्य अतिथि समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में अपनेपन को सहेजना और परिवार के साथ समय बिताना सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने देश-विदेश-विशेषकर भारत, नेपाल और बांग्लादेश-में निवास कर रहे बाबा गणिनाथ के अनुयायियों से भावपूर्ण आग्रह किया कि नए वर्ष की शुरुआत पिकनिक स्थलों के बजाय सपरिवार कुल गुरु के चरणों में दर्शन-पूजन से करें और फिर दिनचर्या का आरंभ करें। उन्होंने कहा कि जब हर शुभ कार्य बाबा के चरणों में समर्पित होता है, तो सफलता और सकारात्मकता स्वतः मार्ग प्रशस्त करती है।

पूजनोपरांत सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श, वैवाहिक परिचय सम्मेलन तथा वर्ष 2025 में समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले समाजसेवियों का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह ने सेवा-भाव, उत्तरदायित्व और सामूहिक प्रेरणा की भावना को नई ऊर्जा दी। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भूले-बिसरे पारंपरिक खेल और गायन प्रतियोगिता रहे। बच्चों से लेकर वरिष्ठजनों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तालियों की गूंज, हँसी की खिलखिलाहट और सामूहिक उल्लास के बीच यह संदेश स्पष्ट हुआ कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन ही समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

समारोह की अध्यक्षता आलोक कुमार गुप्ता ने की। महामंत्री विशाल कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन) ने किया, जिन्होंने मंच को अनुशासित, जीवंत और भावनात्मक रूप से जोड़े रखा। आयोजन की सफलता में रीता गुप्ता, शीला कांदु, प्रतिभा, अन्नपूर्णा, रोहित, रमेश गुप्ता (कॉपी वाले), रमेश गुप्ता (कोयला बाजार), विशाल, आशुतोष, हेमंत, आयुष, राजेश और विनय सहित समाज के वरिष्ठजनों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
समग्र रूप से यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि परिवार, परंपरा और समाज के बीच सेतु बनकर उभरा-जहाँ भक्ति ने दिशा दी, संवाद ने संबंधों को मजबूती दी और सहभागिता ने भविष्य के लिए नई ऊर्जा भरी। बाबा गणिनाथ जी की कृपा से यह समारोह समाज के लिए प्रेरणा, एकजुटता और सतत सेवा का स्थायी संदेश छोड़ गया।
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