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कान्हा के जन्म पर झूम उठा भारत, मथुरा से दिल्ली तक कृष्ण भक्ति की धूम

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को देशभर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाल गोपाल के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। वृंदावन, दिल्ली, प्रयागराज, जम्मू, छत्तीसगढ़, पंजाब और बिहार के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में भजन-कीर्तन, झांकियों और विशेष पूजा-अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। बच्चों ने कृष्ण-राधा का रूप धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

नयी दिल्ली : जन्माष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को देश के विभिन्न हिस्सों में लोग कृष्ण भक्ति में लीन और हर्षोल्लास में नजर आये।हिंदू पंचांग के मुताबिक यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की आठवीं तिथि को मनाया जाता है। महाभारत पुराण के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के एक कारागार में हुआ था, जहां उनके माता-पिता देवकी और वासुदेव को तत्कालीन शासक कंस ने बंदी बनाकर रखा था। जन्माष्टमी के मौके पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, कृष्ण के बाल रूप का श्रृंगार करते हैं और उन्हें माखन, मिश्री, तुलसी पत्ते जैसी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा भक्ति के अनूठे रंगों में सराबोर नजर आयी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को बहुत आकर्षक तरीके से सजाया गया। मंदिर के मुख्य गर्भगृह को चांदी की परतों से सजाया गया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य गर्भगृह में विराजमान ‘लला’ (बाल कृष्ण) के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। वह काफी देर तक गर्भगृह की छटा और बाल गोपाल के स्वरूप को निहारते रहे।देश-विदेश से श्रद्धालु इस मौके पर मथुरा पहुंचे हैं।इस पर्व पर वृंदावन के सजे-धजे बांके बिहारी मंदिर की छटा देखते ही बनती है। पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मथुरा और वृंदावन के अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी जन्माष्टमी का पावन पर्व भक्तिमय माहौल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भगवान कृष्ण और राधा की वेशभूषा में बच्चों ने अनेक कार्यक्रमों में भाग लिया। मंदिरों और घरों के अलावा बाजारों में भी रौनक रही। यहां के बिड़ला मंदिर, इस्कॉन मंदिर, छतरपुर मंदिर तथा अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संदेश में देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और भगवान कृष्ण की कालजयी शिक्षाओं को याद करते हुए मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में निस्वार्थ कर्म पर ज़ोर दिया।प्रयागराज में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हर तरफ धूम रही।

इस पावन पर्व पर शहर के इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। आज सुबह मंगला आरती के साथ ही इस्कॉन मंदिर के पट खोल दिये गये, जिसके बाद से ही लोग भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए कतारों में लगे रहे।जम्मू में श्री रघुनाथ मंदिर और रानी पार्क स्थित भगवान कृष्ण के प्रसिद्ध मंदिर में भक्त पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़ पड़े। ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना की। त्योहार को देखते हुए सभी मंदिरों में सुरक्षा के खास इंतज़ाम किये गये थे। भगवान कृष्ण के रूप में तैयार बच्चों ने भी विभिन्न जगहों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ‘झांकियों’ में हिस्सा लिया और महिलाओं ने ‘भक्ति गीत’ गाकर जश्न में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थित मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिरों में सुबह से अभिषेक, विशेष श्रृंगार, भजन-कीर्तन और झांकी दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। शहर के सिटी कोतवाली में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की विशेष तैयारी की गयी। रायगढ़ और बिलासपुर में भी जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में विशेष आयोजन किये गये। सुबह से विभिन्न झांकियां सजायी गयीं। जो दो दिन तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रहेंगी। इन्हें देखने शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

पंजाब के फगवाड़ा में जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्री गीता मंदिर, श्री कृष्ण मंदिर, हनुमानगढ़ी, बालाजी मंदिर, श्री हनुमान मंदिर तथा श्री बाबा बालक नाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनियों और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित धार्मिक झांकियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिनमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जन्माष्टमी से एक दिन पूर्व फगवाड़ा में निकाली गयी विशाल शोभायात्रा ने भी पर्व के माहौल को और भक्तिमय बना दिया था।

विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और इसमें धार्मिक झांकियां तथा भक्ति प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जन्माष्टमी समारोह का एक विशेष आकर्षण ऐतिहासिक श्री सिंदूरा देवी मंदिर में पुरुष श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश खोला जाना रहा। इस मंदिर में वर्षभर पुरुषों के प्रवेश पर परंपरागत रूप से प्रतिबंध रहता है, जबकि जन्माष्टमी के दिन यह प्रतिबंध विशेष रूप से हटाया जाता है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में पुरुष श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

बिहार की राजधानी पटना स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूर्ण भक्ति और श्रद्धा के माहौल में मनाया गया। इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किये और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। (वार्ता)

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