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NCERT ने चार्ल्स डार्विन की एवोल्यूशन थ्योरी हटाई

नई दिल्ली । एनसीईआरटी ने कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक व विज्ञान के सिलेबस से चार्ल्स डार्विन की ‘एवोल्यूशन थ्योरी’ का अध्याय हटाने का फैसला किया है। देशभर के 18 सौ से अधिक वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने इस पर अपना विरोध जताया है। इस थ्योरी में छात्रों को पढ़ाया जाता था कि कैसे मनुष्य वानरों की कुछ प्रजातियों से विकसित हुए हैं।

चार्ल्स डार्विन समर्थकों का कहना है कि डार्विन द्वारा दिए गए इस सिद्धांत का आधार तर्कसंगत सोच है। पुस्तकों से इस सिद्धांत को हटा देने पर भारतीय छात्र विज्ञान की इस मौलिक खोज से वंचित रह रह जाएंगे। गौरतलब है कि चार्ल्स डार्विन मानव विकास के क्षेत्र में काम करने वाले दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक हैं।

हालांकि एनसीईआरटी की पुस्तकों से उनकी ‘एवोल्यूशन थ्योरी’ पूरी तरह वाईफाई तौर पर हटाने का निर्णय लिया जा चुका है। बड़ी संख्या में देशभर के शिक्षाविदों एवं वैज्ञानिकों ने इसका विरोध किया है। पूरे भारत से 1,800 से भी अधिक वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विज्ञान से जुड़े लोगों ने पाठ्य पुस्तकों से डार्विन के सिद्धांतों को हटाने की निंदा करते हुए एनसीईआरटी को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। पत्र में डार्विन की थ्योरी को फिर से पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने की मांग रखी गई है।

ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी के अंतर्गत देशभर के 18 सौ से अधिक वैज्ञानिकों व शिक्षकों ने कक्षा 9 और 10 की पाठ्यपुस्तकों से डार्विन के विकास के सिद्धांत को हटाने के लिए एनसीईआरटी की निंदा की है और एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर करके उसे ही एनसीईआरटी को भेजा है।(वीएनएस )

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