UP Live

दूसरों के लिए हमेशा समर्पित रहा प्रेमभाई का जीवन- नंदलाल

85वीं जयंती पर याद किये गए गरीब आदिवासियों मददगार मसीहा

दुद्धी, सोनभद्र- दूसरों के आनंद में आनंदित होने वाला ही महापुरुष होता है।प्रेमभाई भी इस आदिवासी वनवासी क्षेत्र के लिए ऐसे ही महापुरुष थे,जिन्होंने सिर्फ गरीबों के आनंद एवं उनके हक के लिए जीया। उक्त बातें वरिष्ठ अधिवक्ता नंदलाल जी ने वनवासी सेवा आश्रम के संस्थापक व प्रणेता स्व०प्रेमभाई की जयंती को सम्बोधित करते हुए दुद्धी स्थित आश्रम के छात्रावास परिसर में कहा। उन्होंने कहा कि जनसेवा और समाजसेवा के लिए ईश्वर से प्रेरित होना आवश्यक है।वहीं से संदेश प्राप्त होता है कि क्या करना है और क्या नही। गरीबों के लिए उनके द्वारा किये गए त्याग और समर्पण की गाथा जगजाहिर है। अधिवक्ता प्रेमचंद
यादव एवं प्रभु सिंह ने उन्हें क्षेत्र का मसीहा एवं महान विभूति का दर्जा देते हुए कहा कि आज इस लोलुपता भरे समाज में ऐसे ही महान विभूति का आवश्यकता आ पड़ी है।जो निःस्वार्थ समाज को नई दिशा प्रदान करे।ऐसे कर्मयोगी महान विभूति के जयंती में शरीक होने का अवसर हमें मिला।जिसके लिए कृतज्ञ हूं।क्रय विक्रय अध्यक्ष रामेश्वर राय ने कहा कि प्रेमभाई ने समाज को अपना जीवन समर्पित कर,लोकऋण से उऋण हो लिया है।यह सौभाग्य कम लोगों को प्राप्त होता है।समाजसेवी अवधनारायण यादव ने कहा कि क्षेत्र के गरीब आदिवासियों के हक एवं न्याय लिए अपने जीवन को समर्पित करने वाले प्रेमभाई की अलख यूं ही संस्था जगाते रहे।उनके कार्यों को जीवंत बनाये रखने के लिए हमें गरीब बच्चों के उत्थान के लिए कुछ करना चाहिए।अध्यक्षता कर रहीं आश्रम की मुखिया सुभा बहन ने कहा कि धर्म और कर्म के महान रहे प्रेमभाई उनकी कमी आज भी इस समाज को बनी हुई है।क्षेत्र में फैली तमाम कुरीतियों से गरीबों को छुटकारा दिलाया है और उनमें शिक्षा का अलख जगाया।डॉ. लवकुश प्रजापति, रामपाल जौहरी, विष्णुकांत तिवारी समेत अन्य वक्ताओं ने उनके कृत्यों पर प्रकाश डालते हुए,नमन किया। संचालन विमल भाई ने किया।आभार केंद्र प्रभारी चित्रांगद दुबे ने जताया।इस मौके पर रामजी पांडेय एड.,कृष्णमुरारी पांडेय एड.,अनूप कुमार डायमंड, संतोष कुमार एड.,अनिल जायसवाल, सुरेश प्रसाद एड.,अवधेश जायसवाल,देवनाथ भाई, अर्जुन भाई,भोलानाथ आढ़ती समेत बैडमिंटन टीम व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button