
नगर निगम की सख्ती: बकाया किराये पर 70 दुकानों को अंतिम नोटिस
वाराणसी में नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भैंसा वाड़ा और नया चौक क्षेत्र की 70 दुकानों को बकाया किराया जमा करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में भुगतान न होने पर दुकानों का आवंटन निरस्त कर पुलिस बल की मदद से कब्जा लिया जाएगा। निगम ने किराया भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और क्यूआर कोड आधारित बनाया है। सख्ती का असर यह है कि तीन वर्षों में किराया वसूली करीब पांच गुना बढ़ी है।
- तीन दिन में भुगतान नहीं तो आवंटन निरस्त, पुलिस बल के साथ खाली कराएंगी दुकानें
वाराणसी। राजस्व वसूली को लेकर नगर निगम वाराणसी ने सख्त रुख अपनाते हुए गृहकर, जलकर के साथ-साथ निगम की दुकानों के बकाया किराये की वसूली तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को भैंसा वाड़ा और नया चौक क्षेत्र की 70 दुकानों को दोबारा नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय सीमा में भुगतान न होने पर दुकानों का आवंटन निरस्त कर पुलिस बल की मदद से कब्जा लेने की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम ने दुकानदारों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए किराया जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। सभी दुकानों पर क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके बावजूद कई दुकानदार लगातार किराया जमा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। अनिल यादव ने बताया कि बीते दिनों लगभग 600 दुकानदारों को नोटिस दिया गया था, लेकिन कुछ दुकानदारों द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने के बाद अब सीधे कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
आवंटन होगा निरस्त, पुलिस बल के साथ होगी कुर्की
निगम द्वारा जिन 70 दुकानों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, उन पर कुल 28,57,693 रुपये का किराया बकाया है। इसमें भैंसा वाड़ा की 25 दुकानों पर 14,36,631 रुपये और नया चौक की 45 दुकानों पर 14,21,062 रुपये का बकाया शामिल है। ये दुकानदार लंबे समय से किराया जमा नहीं कर रहे हैं। सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि तीन दिन की अंतिम मोहलत के बाद आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया, तो पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानों का ताला तोड़कर निगम अपने कब्जे में ले लेगा।
शहर भर में चलेगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार, नगर निगम की शहर में कुल लगभग 1800 दुकानें हैं। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि बकाया वसूली सुनिश्चित की जा सके और निगम के राजस्व को मजबूती मिले।
तीन वर्षों में पौने पांच गुना बढ़ी वसूली
नगर निगम की सख्ती का असर राजस्व आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां दुकानों से केवल 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये पहुंच गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3.80 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। इस तरह बीते तीन वर्षों में दुकान किराये की वसूली लगभग 4.75 गुना बढ़ गई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि राजस्व वसूली में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बकाया किराया न देने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि निगम की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।
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