मियावाकी वन को नुकसान पहुंचाया तो होगी जेल, नगर निगम सख्त
वाराणसी के डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे ‘ऑक्सीजन क्लब’ वन को लेकर फैलाई गई भ्रामक सूचनाओं पर नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। गलत वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। महापौर और नगर आयुक्त ने स्थल निरीक्षण कर पौधों को सुरक्षित बताया। वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 25 सीसीटीवी कैमरे, 20 हाईमास्ट लाइट और 10 सुरक्षा गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
- महापौर और नगर आयुक्त का स्थलीय निरीक्षण, 25 सीसीटीवी व 20 हाईमास्ट लाइट लगाने के निर्देश
वाराणसी। काशी के डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे ‘ऑक्सीजन क्लब’ वन को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। वन के अस्तित्व और पौधारोपण की स्थिति पर गलत वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ मंगलवार को पुलिस में तहरीर दी गई। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण सुधार की इस महत्त्वपूर्ण परियोजना को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भ्रामक खबरों का संज्ञान लेते हुए अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ डोमरी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि लगाए गए सभी पौधे सुरक्षित और स्वस्थ स्थिति में हैं तथा उनकी नियमित सिंचाई और देखभाल की जा रही है। अधिकारियों ने मौके पर रख-रखाव, पौधों की वृद्धि और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।
निरीक्षण के उपरांत महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि मियावाकी तकनीक एक स्थापित वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके माध्यम से कम समय में सघन और बहु-प्रजातीय वन विकसित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। “इस वन को नुकसान पहुँचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा। साथ ही, नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में सहभागी बनें।
सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने वन क्षेत्र की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए कई कड़े निर्णय मौके पर ही लिए। उनके निर्देशानुसार-
- वन क्षेत्र की निगरानी हेतु 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहाँ से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।
- रात में पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के लिए 20 हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी।
- तत्काल प्रभाव से 10 सुरक्षा गार्डों की तैनाती कर दी गई है, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे।
नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि सरकारी पौधों को उखाड़ना, उन पर मिट्टी फेंकना अथवा जानबूझकर मवेशियों के माध्यम से क्षति पहुँचाना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे किसी भी कृत्य में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल
विशेषज्ञों के अनुसार, मियावाकी पद्धति से विकसित वन पारंपरिक वनों की तुलना में कई गुना तेजी से बढ़ते हैं और सीमित क्षेत्र में अधिक घनत्व वाले पौधे लगाए जाते हैं। इससे स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है, वायु गुणवत्ता में सुधार होता है तथा शहरी हीट-आइलैंड प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑक्सीजन क्लब’ वन परियोजना काशी के हरित भविष्य की आधारशिला है और इसे सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अफवाह फैलाकर जनभावनाओं को भड़काने और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
घंटाघर से उठेगा रंगों का सैलाब, सीएम योगी करेंगे अगुवाई – गोरखपुर में दिखेगा अनोखा रंगोत्सव
“दुनिया खोज रही भरोसेमंद पार्टनर… क्या भारत तैयार है? पीएम मोदी ने रखी स्पष्ट रणनीति”



