डोमरी मियावाकी वन पर भ्रामक प्रचार के खिलाफ नगर निगम सख्त, एफआईआर की चेतावनी
वाराणसी के डोमरी क्षेत्र में विकसित मियावाकी वन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर नगर निगम सख्त है। जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि वन को नुकसान पहुंचाने या झूठी सूचना फैलाने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने इसे शहर का ‘ऑक्सीजन क्लब’ बताते हुए जनता से सहयोग की अपील की है।
- अवैध प्लाटिंग से जुड़े तत्वों पर एफआईआर की तैयारी, ‘ऑक्सीजन क्लब’ को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
वाराणसी। डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे शहरी वन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों और नकारात्मक रिपोर्टिंग पर नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों को बाधित करने या वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शरारती तत्वों की हो रही पहचान
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि डोमरी की सरकारी भूमि पर लंबे समय से भू-माफियाओं की नजर थी और कुछ लोग अवैध प्लाटिंग की कोशिश में लगे थे। जब नगर निगम ने इन प्रयासों को विफल किया, तो अब वही तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक वीडियो और झूठी सूचनाएं फैलाकर परियोजना को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
‘ऑक्सीजन क्लब’ को नुकसान बर्दाश्त नहीं
जनसंपर्क अधिकारी ने स्पष्ट किया कि डोमरी में विकसित हो रहा वन ‘ऑक्सीजन क्लब’ के रूप में शहर के पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसे नष्ट करने या बदनाम करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में पतझड़ का मौसम है, जिसमें पौधों का पुराने पत्ते गिराना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसे सूखने या असफल परियोजना के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
मियावाकी तकनीक पर भरोसा
नगर निगम ने कहा कि मियावाकी तकनीक एक स्थापित और वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके सकारात्मक परिणाम देश-विदेश में देखे जा चुके हैं। परियोजना एक अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसे अगले तीन वर्षों तक वन के विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। निगम के अनुसार, यह दावा पूरी तरह निराधार है कि इस परियोजना में सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
पौधों की सुरक्षा के लिए मौके पर पांच सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी पौधों को उखाड़ना, मिट्टी फेंकना या जानबूझकर मवेशियों के माध्यम से नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि शहर के पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में सहयोग करें और किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। प्रशासन का कहना है कि डोमरी का यह शहरी वन आने वाले समय में वाराणसी के लिए हरित विरासत और स्वच्छ हवा का स्थायी स्रोत बनेगा।
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