वाराणसी के विकास के लिए नगर निगम और बीएचयू साथ आए, जल्द होगा एमओयू
वाराणसी के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी की बैठक में एमओयू पर सहमति बनी। इसके तहत छात्रों को इंटर्नशिप, मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट देखरेख और शहर के सुंदरीकरण पर संयुक्त पहल होगी।
- नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और बीएचयू कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी की बैठक में सहमति, इंटर्नशिप, मियावाकी फॉरेस्ट और शहर के सुंदरीकरण पर संयुक्त कार्य
वाराणसी। शहर के समग्र और नियोजित विकास, पर्यावरणीय संतुलन तथा नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से अब नगर निगम और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। दोनों संस्थानों के बीच इस संबंध में सहमति बन गई है और जल्द ही एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह निर्णय नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
बैठक में शहर के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम और बीएचयू के बीच यह साझेदारी शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दोनों संस्थाएं मिलकर शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।
छात्रों को मिलेगा इंटर्नशिप का अवसर
इस साझेदारी का एक प्रमुख पहलू शैक्षणिक समन्वय भी है। समझौते के तहत बीएचयू के लगभग 50 छात्रों को प्रतिवर्ष नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। इससे छात्रों को शहरी प्रशासन, नगर नियोजन और सामाजिक उद्यमिता से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही वे शहर के विकास से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं में भी प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी कर सकेंगे।
बाहरी क्षेत्रों का सुंदरीकरण और जलभराव की समस्या का समाधान
बैठक में बीएचयू के बाहरी क्षेत्रों के विकास और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी सहमति बनी। इसके अंतर्गत मालवीय गेट से डाफी कॉरिडोर तक के क्षेत्र का सुंदरीकरण कराया जाएगा। वहीं कंदवा क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव की समस्या को देखते हुए नई जल निकासी लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
परिसर में स्वच्छता और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण की व्यवस्था
बीएचयू परिसर के भीतर स्वच्छता प्रबंधन को और बेहतर बनाने तथा निराश्रित पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने के लिए भी नगर निगम अपनी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और परिसर की स्वच्छता व व्यवस्था में सुधार होगा।
मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट के विकास में बीएचयू के वैज्ञानिकों का सहयोग
नगर निगम द्वारा डोमरी क्षेत्र में शहर का सबसे बड़ा मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट विकसित किया गया है। इस परियोजना के तहत लगाए गए पौधों की देखरेख और वैज्ञानिक प्रबंधन में अब बीएचयू के प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक भी सहयोग करेंगे। विशेषज्ञों की टीम समय-समय पर डोमरी क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और पौधों के बेहतर विकास के लिए तकनीकी सुझाव और दिशा-निर्देश प्रदान करेगी।
यह पहल न केवल काशी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होगी, बल्कि शहरी वनीकरण के एक सफल मॉडल के रूप में पूरे देश के सामने एक नई मिसाल भी पेश कर सकती है।
संपत्ति कर विवाद का हुआ स्थायी समाधान
बैठक के दौरान नगर निगम और बीएचयू के बीच लंबे समय से चल रहा संपत्ति कर विवाद भी समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद नगर निगम ने विश्वविद्यालय को कुछ पुरानी देनदारियों में रियायत प्रदान की है। इसके बदले बीएचयू ने शेष बकाया राशि को किस्तों में भुगतान करने पर सहमति जताई है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम और बीएचयू के बीच यह सहयोग काशी के विकास को नई दिशा देगा। वहीं बीएचयू प्रशासन ने भी इस पहल को शहर और विश्वविद्यालय दोनों के लिए लाभकारी बताया है।
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