
नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण, व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
वाराणसी में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने वरुणापार जोन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने नामांतरण, टैक्स कलेक्शन और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। 15 दिन से अधिक लंबित आवेदनों के त्वरित निस्तारण और कर्मचारियों को पहचान पत्र अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
वाराणसी। नगर निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को वरुणापार जोन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न पटल, नागरिक सुविधाओं और संचालित कार्यों का गहन अवलोकन करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पटल सहायकों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने नामांतरण, पीला कार्ड जारी करने की प्रक्रिया, डिमांड एवं असेसमेंट रजिस्टर, अभिलेखों के संधारण तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी कार्य पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही नगर आयुक्त ने टैक्स कलेक्शन कंप्यूटर कक्ष का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित करदाताओं से सीधे संवाद कर भवन कर जमा करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। नागरिकों ने कर भुगतान में किसी प्रकार की समस्या न होने की बात कही, जिस पर नगर आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में अव्यवस्थित ढंग से पड़ी स्क्रैप सामग्री पर भी नगर आयुक्त की नजर गई। उन्होंने जोनल अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सभी अनुपयोगी सामग्री हटाने के निर्देश दिए, ताकि परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण पटल के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने विशेष रूप से लंबित आवेदनों पर चिंता जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी आवेदन 15 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी कारणवश आवेदन लंबित हो, तो उसका नियमानुसार त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने-अपने पटल पर कार्य करते समय अनिवार्य रूप से पहचान पत्र धारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को संबंधित कर्मचारी तक पहुंचने में आसानी होगी और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो सकेगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम की प्राथमिकता नागरिकों को सुगम, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियमित निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
खिलाड़ियों का सम्मान: योगी सरकार ने दिया नियुक्ति पत्र, अवॉर्ड और करोड़ों की प्रोत्साहन राशि
वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यूपी बना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश गंतव्य: सीएम योगी


