
नई दिल्ली : मुंबई इंडियंस ने मंगलवार को अपनी बादशाहत कायम रखते हुए तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के 30 रन पर तीन विकेटों की बेहतरीन गेंदबाजी और कप्तान रोहित शर्मा की 68 रन की जबरदस्त पारी से दिल्ली कैपिटल्स को एकतरफा अंदाज में पांच विकेट से पराजित कर पांचवी बार आईपीएल का चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया।
दिल्ली कैपिटल्स ने कप्तान श्रेयस अय्यर (नाबाद 65) और विकेटकीपर रिषभ पंत (56) के शानदार अर्धशतकों से आईपीएल-13 के खिताबी मुकाबले में 20 ओवर में सात विकेट पर 156 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन यह स्कोर ऐसा नहीं था जो मुंबई का विजय रथ रोक पाता। वही, मुंबई इंडियंस ने 18.4 ओवर में पांच विकेट पर 157 रन बनाकर खिताब अपने नाम कर लिया।
इसके साथ ही पहली बार फाइनल खेल रही दिल्ली का नया आईपीएल चैंपियन बनने का सपना टूट गया और मुंबई ने आईपीएल के 13 संस्करणों में पांच बार खिताब जीत लिया है और साबित किया है कि आईपीएल में उसके टक्कर की कोई दूसरी टीम नहीं है। आपको बता दें कि मुंबई का यह छठा फाइनल था जिसमें से उसने पांच बार खिताब जीता है। मुंबई ने 2020 से पहले 2013, 2015, 2017 और 2019 में खिताब जीते थे। मुंबई ने पहली क्वालीफायर में दिल्ली को आसानी से हराया था और फाइनल में भी दिल्ली को आसानी से शिकस्त दे दी।
जीत के बाद भी मुंबई इंडियंस को हुआ भारी नुकसान, आधी हुई इनाम की रकम
कोविड-19 की वजह से बीसीसीआई (BCCI) को आईपीएल के आयोजन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कोरोना की वजह से ही मुंबई को भारी नुकसान हुआ है। इस साल चैंपियन बनने पर मुंबई इंडियंस को महज 10 करोड़ रुपये इनामी राशि मिली है जो की प्राइज मनी से 50 फीसदी कम है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स की टीम को भी सिर्फ 6.25 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
तीसरे स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की टीमों को 5-5 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली। कोरोना वायरस के चलते टूर्नामेंट 6 महीने की देरी से शुरू हुआ और मैदान पर दर्शकों के आने पर बैन होने से आईपीएल से होने वाली कमाई भी काफी कम हुई है।
वहीं भारत और चीन के हुए विवाद की वजह से विवो आईपीएल के टाइटल स्पांसर से पीछे हट गया था जिसकी वजह से बीसीसीआई को भारी नुकसान हुआ। जहां वीवो के साथ 450 रुपये सालाना का करार हुआ था नहीं नए स्पांसर ड्रीम इलेवन ने बीसीसीआई को एक सीजन के लिए 200 करोड़ रुपये ही दिए।
बीसीसीआई (BCCI) को इस सब नुकसानों की वजह से प्राइज मनी में 50 फीसदी की कटौती करनी पड़ी। इससे पहले आईपीएल का खिताब जीतने वाली टीम को 20 करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि उपविजेता को 12.5 करोड़। तीसरे और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों के खाते में 10-10 करोड़ रुपये आते थे।




