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शिल्पियों के हुनर को ऊंची उड़ान दे रही मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार

  • जीआई महोत्सव में 11 राज्यों के उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी
  • यूपी के सबसे अधिक 34 और पूर्वांचल के 19 जीआई उत्पाद इस महोत्सव में होंगे शामिल
  • पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल बड़ालालपुर में 16 से 21 अक्टूबर तक चलेगी प्रदर्शनी

रत्नेश राय

वाराणसी । देश की सदियों पुरानी हस्तशिल्प की परंपराओं को जीवित रखने के लिए पीढ़ियों की परंपरा को योगी सरकार सिर्फ संरक्षित ही नहीं कर रही, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पंहुचा भी रही है। उत्तर भारत के शिल्पियों के हुनर को ऊंची उड़ान देने के लिए डबल इंजन की भाजपा सरकार 6 दिनों का उत्तर भारत जीआई महोत्सव कराने जा रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल बड़ालालपुर में 16 से 21 अक्टूबर तक लगने वाले इस महोत्सव में 11 राज्यों के जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी। साथ ही जीआई सम्बंधित राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार भी होगा।

मशीनीकरण से ऊब चुकी पूरी दुनिया अब हस्त निर्मित चीजों की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। वाराणसी में उत्तर भारत के जीआई उत्पादों की बड़ी प्रदर्शनी लगने जा रही, जिसमे नार्थ इंडिया के करीब 150 शिल्पी अपने हुनर और पुश्तैनी कला को प्रदर्शित करेंगे। उत्तर भारत के जीआई महोत्सव का उद्घाटन बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में 16 अक्टूबर को होगा। जो 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस महोत्सव में 11 राज्यों के करीब 80 से 100 उत्पादों के प्रदर्शित होने की सम्भावना है। अकेले उत्तर प्रदेश के 34 और पूर्वांचल के 19 जीआई उत्पाद इस महोत्सव में प्रदर्शित होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी देश और विदेश के राजनयिकों से मिलते हैं तो उनको देश में बने जीआई उत्पादों को उपहार स्वरूप जरूर देते हैं। जिससे इसकी पहचान लोकल से ग्लोबल हो गई है। अब उत्तर भारत के जीआई महोत्सव में इस विधा से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होने वाले हैं। साथ ही आयात निर्यात से जुड़े हुए लोग भी शामिल होंगे। जीआई उत्पादों के उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ सेमीनार में उत्पादों के बारिकयो के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में जीआई प्रोडक्टस के बाजार को कैसे बढ़ाया जाए इसपर भी चर्चा करेंगे। प्रदर्शनी में सजाने, खाद्य पदार्थ, खेती, प्राकृतिक व हॉर्टिकल्चर आदि के उत्पाद होंगे।

जीआई उत्पादों के बारे में जानने व बारीकियों को समझने लिए व्यावसायिक कोर्स से सम्बंधित व अन्य विद्यालयों के जैसे इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैंडलूम टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, और इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेट टेक्नोलॉजी भदोही सहित सभी, आईटीआई, पॉलिटेक्निक के छात्रों-छात्राओं को भी प्रदर्शनी दिखाई जाएगी।

जीआई महोत्सव में अधिक से अधिक लोग आयें, यहां के उत्पाद के बारे में जाने और लाभ लेः मण्डलायुक्त

वाराणसी परिक्षेत्र के मण्डलायुक्त कौशल राज शर्मा ने गुरूवार को कमिश्नरी सभागार में 16 से 21 अक्टूबर तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल (टीएफसी) बड़ालालपुर में आयोजित होने वाले उत्तर भारत जीआई महोत्सव से सम्बंधित तैयारियों की समीक्षा की। इस महोत्सव में उत्तर भारत के 11 प्रदेशों के जी आई उत्पादों, स्थानीय उत्पादों से सम्बन्धित विभागों के 100 स्टाल लगाये जायेंगे जिसमें 90 जी आई के लिए 132 प्रतिभागियों के द्वारा संस्तुति दी जा चुकी है।

कमिश्नर ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सी जानकारियां देगा। इसके अलावा उन्होंने बनारस वासियों तथा आसपास के जिलों के लोगों से अपील की है कि वे भी इस औद्योगिक मेले को देखने आयें और जिले, प्रदेश एवं देश में बनने वाले विशिष्ट उत्पादों के बारे में जानें और लाभ उठायें। हथकरघा, पालिटेक्निक, आईटीआई, टेक्स्टाइल, हैंडीक्राफ्ट तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के लाभार्थियों को इस महोत्सव में एक्सपोजर विजिट कराया जायेगा।

इसके अलावा उक्त विभागों द्वारा विभिन्न उत्पादों के कारीगरों को भी इस मेले में लाया जायेगा। उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के क्षेत्र में इस महोत्सव का बड़ा योगदान होगा। टीएफसी के आसपास के स्कूलों के बच्चों को भी विजिट कराने का निर्देश देते हुए आईआईएसटी, निफ्ट, डीजीएफटी व मैनेजमेंट स्कूल आदि के बच्चों को इसमें विजिट कराने पर जोर दिया। बैठक में संयुक्त निदेशक उद्योग, अपर नगर आयुक्त सहित सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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