
जम्मू : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग आदिवासी समुदायों में दरार उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर के पहाड़ी, गुर्जर और बकरवाल समुदायों को आरक्षण देने के पक्षधर हैं।श्री शाह कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं और वह राजौरी जिले में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।श्री शाह ने कहा कि “धारा 370 की समाप्ति के बाद दलितों, पिछड़ों और पहाड़ी लोगों को आरक्षण का लाभ दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि कश्मीर पर 70 वर्षों तक तीन परिवारों ने शासन किया है लेकिन प्रधानमंत्री इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक उज्ज्वल और सुनहरे भविष्य की कल्पना करते हैं।उन्होंने कहा कि जनसभा में ‘मोदी-मोदी’ के नारे उन लोगों के लिए जवाब है जिन्होंने दावा किया था कि अगर अनुच्छेद 370 समाप्त हो गया तो खूनखराबा होगा। उन्होंने कहा कि श्री मोदी जम्मू कश्मीर के युवाओं के हाथों में लैपटॉप देखना चाहते हैं इस कारण यहां पथराव की घटनाएं बहुत कम हुई है।श्री शाह ने कहा कि गुलाम नबी खटाना को राज्यसभा में मनोनीत करके मोदी ने साबित कर दिया है कि वह सभी वर्गों के लिए उचित प्रतिनिधित्व चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद तीन वर्षों में जम्मू कश्मीर में 56 हजार करोड़ रुपये का बाहरी निवेश हुआ है जिससे युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करने के लिए श्री शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की सराहना की। इससे पहले वे माता वैष्णो देवी मंदिर गए और वहां पूजा-अर्चना की।इस बीच, सुरक्षा कारणों से जम्मू और राजौरी जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।(वार्ता)
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में जनता का असली राज आयाः अमित शाह
जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजौरी जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में जनता का असली राज आया है। आतंकी घटनाएं भी कम हुई हैं और युवाओं को पत्थर नहीं लैपटॉप थमाया गया है। सभी को अपने अधिकार मिले हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह अनुच्छेद 370 नहीं हटती तो किसी को भी किसी प्रकार के अधिकार मिलने की संभावना नहीं थी। सही मायने में जम्मू-कश्मीर को अब आजादी और आतंक से मुक्ति मिली है। आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर विकास के साथ-साथ हर क्षेत्र में उन्नति करेगा।
गृहमंत्री शाह ने आरोप लगाया कि पिछले 70 वर्षों में यहां के तीन परिवारों ने कुछ नहीं किया। विरोधी कहते थे कि 370 हटा तो खून की नदियां बहेंगी और तिरंगा उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा, जबकि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में जनता का असली राज आया है। शाह ने कहा, मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मोदी सरकार में जनता के अधिकार कोई नहीं छीन सकता, जबकि विरोधियों के लिए लोकतंत्र का मतलब केवल अपना परिवार था। भारतीय सेना के काम को लेकर दुनिया उसे सलाम करती है, पर देश के खिलाफ हर खतरे में पहाड़ी समुदाय खड़ा रहा है इसलिए सेना उसे सलाम करती है।
उन्होंने कहा कि गुज्जर-बक्करवालों को उनका हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है और अब पहाड़ी समुदाय की बारी है। शाह ने कहा, मैं विश्वास दिलाता हूं कि इससे गुज्जर-बक्करवालों के हक को कोई नुकसान नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर अब विकास की राह पर बढ़ चुका है। जम्मू-कश्मीर में हम ही आईआईटी और आईआईएम के साथ कई विकास एवं जनहित योनाओं को लेकर आये हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है। आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर विकास के साथ-साथ हर क्षेत्र में उन्नति करेगा।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की कुल आबादी 1.25 करोड़ है, जिसमें 14.93 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति एवं 9.25 प्रतिशत अनूसचित जाति हैं, जबकि परिसीमन के बाद अनुसूचित जनजाति के लिए 9 सीट एवं अनुसूचित जाति के लिए 7 सीट आरक्षित की गई हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में परिसीमन से पहले 83 सीटें थीं जिन्हें बढ़ाकर अब 90 सीटें किया गया है। जम्मू में पहले 37 सीटें थी अब 43 हो गई हैं, जबकि कश्मीर में 46 सीटें थी जो अब 47 हो गई हैं।गृहमंत्री शाह के दौरे को लेकर जम्म-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सीमा से लेकर शहर तक सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर कन्वेंशन सेंटर तक के 7 किलोमीटर के दायरे में 15 चेक प्वाइंट के साथ दो हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।
इन कार्यक्रमों में भी करेंगे शिरकत
रैली के बाद अमित शाह के तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर बाद करीब चार बजे कनाल रोड स्थित कनवेंशन सेंटर में विभिन्न योजनाओं की ई-लांचिंग एवं ई-उद्घाटन करेंगे। सबसे पहले अमित शाह राजस्व विभाग की ओर से तैयार लैंड पासबुक का वितरण करेंगे। इसके बाद अमित शाह प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जनता से जुड़ी 225 आनलाइन सेवाओं को लांच करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने एवं सहकारिता को बल देने के उद्देश्य से तैयार एक हजार सहकारिता समितियों को भी अमित शाह लांच करेंगे। इसके अलावा अमित शाह अपने इस कार्यक्रम में डिस्ट्रक्ट गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021-22 के दूसरे एडिशन को लांच करेंगे।
अमित शाह आज शाम को जल जीवन मिशन के तहत 41 जल सप्लाई योजनाओं, 920.72 किलोमीटर लंबाई की 128 सड़कों तथा दस पावर डिस्ट्रीब्यूशन एवं ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की ई-आधारशिला भी रखेंगे। अमित शाह इस दौरान 14 शहरी विकास योजनाओं, 269.41 किलोमीटर लंबी 48 सड़कों, आठ पुलों तथा दस ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट का ई-उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा के अलावा भाजपा नेता, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
गृहमंत्री अमित शाह ने मां वैष्णो देवी के किए दर्शन
गृहमंत्री अमित शाह कटड़ा में स्थित मां वैष्णो देवी के दरबार में दर्शन करने के लिए पहुंचे। मां वैष्णो देवी के दर्शन करने के साथ ही उन्होंने मां भगवती से शांति और समृद्धि की कामना की। दर्शन करने के बाद अमित शाह राजौरी के लिए रवाना हो गए है। अमित शाह राजौरी में एक हजार सहकारिता समितियों के गठन की घोषणा करने के साथ 41 पेयजल आपूर्ति की योजनाएं घोषित करेंगे। वह राजोरी के लंबेरी में 100 बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा भी करेंगे।सूत्रों के अनुसार शाह राजौरी की रैली में जम्मू संभाग के लिए 1900 करोड़ रुपये के 167 विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। कई परियोजनाओं के शुभारंभ की घोषणा करेंगे। इसमें वे एक हजार सहकारिता समितियों के गठन की घोषणा करेंगे। मंगलवार की रात अमित शाह श्रीनगर जाकर रात्रि विश्राम करेंगे।(हि.स.)।



