नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में प्रगति पर खुशी प्रकट करते हुए कहा है कि गरीब जन तक भी अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।श्री मोदी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया के शनिवार के एक ट्वेट को टैग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के डिजिटलीकरण से करोड़ों लोगों को फायदा हो रहा है। डॉ. मांडविया ने अपने ट्वीट में गैर-संचारी रोगों से निपटने के कार्यक्रम में एनसीडी पोर्टल के जरिए आयुष्मान खातों की संख्या पांच करोड़ को पार करने की जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री के ट्वीट को टैग करके लिखा, ‘बहुत अच्छी जानकारी! देशभर के हमारे गरीब भाई-बहनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, ये हमारी प्राथमिकता है। यह अत्यंत संतोष की बात है कि डिजिटल हो रही इन सुविधाओं से करोड़ों लोगों तक इनका भरपूर लाभ पहुंच रहा है।”स्वाथ्य मंत्री ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रीय ग़ैर-संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत एनसीडी पोर्टल के माध्यम से हुआ 5 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) का निर्माण! प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी जी की सरकार चौतरफ़ा रूप से कर रही स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत।”एनसीडी प्रणाली का नाम पहले व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा गैर संचरी रोग प्रणाली (सीपीएचसी-एनसीडी-आईटी) था।
मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड से फोन पर की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ से द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार और मजबूती के लिए शनिवार को बातचीत की।प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री मोदी ने श्री प्रचंड से टेलीफोन पर हुई वार्ता में कहा कि भारत की पड़ोसी देशों को पहली प्राथमिकता दिये जाने की नीति के अनुसार नेपाल भारत का एक प्रमुख भागीदार है।
विज्ञप्ति के अनुसार, “ दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और श्री प्रचंडकी पिछली 31 मई से तीन जून 2023 तक की भारत की यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं पर आगे की कार्रवाई की समीक्षा की ताकि द्विपक्षीय भागीदारी काे और बढ़ाया जा सके। दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता के संबंधों को और मजबूत बनाया जा सके।
”बयान में कहा गया है, “ नेपाल भारत का पड़ोसी मित्र देश है तथा भारत की पड़ोसी देश को प्रथम प्राथमिकता देने की नीति के अंतर्गत हमारा प्रमुख भागीदार है। ”प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी कहा कि टेलीफोन पर यह बातचीत दोनों पड़ोसी देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ताओं की परम्परा की एक कड़ी है।(वार्ता)



