
दुद्धी, सोनभद्र – किसान विरोधी तीन कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने समेत दर्जनों मांगों को लेकर एआइपीएफ ने राष्ट्रपति को नामित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में वनाधिकार कानून के तहत जमीन का अधिकार, मनरेगा में काम, बकाया मजदूरी का भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अधिकार, सहकारी खेती की मजबूती समेत कई मांग सम्मिलित रही। दु
द्धी के दर्जनों गांव से शामिल सैकड़ों लोगों के प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए एआईपीएफ के नेता कृपाशंकर पनिका ने कहा कि हमारी जनहित याचिका के बाद वनाधिकार कानून में शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है। बिना कोई सूचना दिए दावेदारों के दावों को खारिज करने की धमकी राजस्व कर्मियों द्वारा दी जा रही है। इसलिए जिला प्रशासन को वनाधिकार कानून के नियमों के तहत ही दावा सत्यापन करने की कार्यवाही करने का निर्देश राजस्व कर्मियों को देना चाहिए।
मजदूर किसान मंच के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, जिला सचिव मंगरू प्रसाद गोंड़ ने कहा कि सोनभद्र में बड़ी विकास की बात सरकार द्वारा की जा रही है। जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि अति पिछड़े इस क्षेत्र में काम कराकर मनरेगा तक में कई-कई माह से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। प्रदर्शन में जिला प्रवक्ता मंगरु प्रसाद गोंड़ ,रामफल गोंड़, प्रधान विदवंत घसिया, भईयालाल खरवार, रामदेव गोंड़, रामविचार गोंड़, मनोहर गोंड़, दलबीर खरवार, महादेव गोंड़ आदि लोगों ने अपनी बात रखी।



