Varanasi

स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी को नंबर-1 बनाने की तैयारी तेज, मंत्री एके शर्मा ने पार्षदों संग बनाई रणनीति

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने वाराणसी सर्किट हाउस में पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी को शीर्ष स्थान दिलाने की रणनीति बनाई। उन्होंने कूड़ा पृथकीकरण बढ़ाने, डोर-टू-डोर कलेक्शन मजबूत करने और 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट खत्म करने के निर्देश दिए। मंत्री ने जनसहभागिता को सफलता की कुंजी बताते हुए स्कूलों, बाजारों और वार्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। नगर निगम ने आधुनिक कचरा प्रबंधन प्लांट और नए वार्डों में सफाई व्यवस्था विस्तार की जानकारी दी।

वाराणसी :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए शासन और प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने रविवार को सर्किट हाउस में नगर निगम के पार्षदों, महापौर और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि बनारस की बेहतर रैंकिंग केवल कागजी दावों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता और जमीनी कार्यों से ही संभव होगी।

पिछली रैंकिंग में कूड़ा पृथकीकरण बना कमजोरी का कारण

मंत्री एके शर्मा ने कहा कि पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी को ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ यानी कूड़ा पृथकीकरण में केवल 63 प्रतिशत अंक मिले, जिसके कारण शहर राष्ट्रीय रैंकिंग में 17वें स्थान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्वच्छता को लेकर गंभीर रहते हैं और काशी से ही पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया गया था। ऐसे में काशी को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के लिए मिसाल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने पार्षदों और अधिकारियों से कहा कि पिछली कमियों से सीख लेकर अब धरातल पर ठोस और प्रभावी प्रयास करने होंगे, ताकि आने वाले सर्वेक्षण में काशी शीर्ष स्थान प्राप्त कर सके।

डोर-टू-डोर कूड़ा पृथकीकरण और जनसंवाद पर विशेष जोर

अभियान को सफल बनाने के लिए मंत्री ने पार्षदों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन अपने-अपने वार्डों में जाकर नागरिकों से संवाद करें और उन्हें गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को इस अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया, ताकि नई पीढ़ी स्वच्छता के प्रति जागरूक बने।

इसके साथ ही बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों को डस्टबिन रखने के लिए प्रेरित करने और सफाईकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम अधिकारियों को कहा गया कि वे केवल डिजिटल अटेंडेंस पर निर्भर न रहें, बल्कि मौके पर जाकर सफाईकर्मियों की भौतिक उपस्थिति का सत्यापन करें और अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।

शहर के 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स खत्म करने का निर्देश

शहरी सौंदर्यीकरण को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि बरसात शुरू होने से पहले शहर के सभी 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVP) को पूरी तरह समाप्त किया जाए। इन स्थानों पर सौंदर्यीकरण कर स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बनाया जाए।

उन्होंने सड़कों और गलियों में पड़े ईंट और पत्थर के टुकड़ों को तत्काल हटाने और कच्ची पटरियों पर इंटरलॉकिंग कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिजली विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी ध्यान देते हुए पार्षदों से कहा कि बांस-बल्ली के सहारे लटके खतरनाक बिजली तारों की सूचना तत्काल व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराएं, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

पार्षदों ने रखीं जनसमस्याएं, मंत्री ने दिए समाधान के निर्देश

बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्षद अजय चौधरी ने डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की, जबकि पार्षद इर्देश कुमार ने नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा उठान पर जोर दिया। पार्षद अभय कुमार पांडेय ने सारनाथ क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या से अवगत कराया।

वहीं पार्षद पुष्पा यादव और श्याम आसरे मौर्य ने महापौर की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। मंत्री ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम प्रशासन और पार्षदों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक प्लांट और नई कार्ययोजना

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रस्तुति के माध्यम से शहर की स्वच्छता प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 22 बड़े कूड़ा घरों को हटाया जा चुका है और अगले दो-तीन महीनों में शेष पांच को भी समाप्त कर दिया जाएगा। नगर निगम में शामिल नए 25 वार्डों में होली तक घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर और बायोमेडिकल वेस्ट के लिए रमना में विशेष प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही ई-वेस्ट मैनेजमेंट और ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क जैसे नवाचारों के माध्यम से काशी को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

शीर्ष रैंकिंग के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर

बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जलकल, जल निगम और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी की रैंकिंग सुधारने और शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लिया।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि काशी केवल धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने वाला शहर बन सकता है, बशर्ते प्रशासन और नागरिक मिलकर इस दिशा में ईमानदारी से प्रयास करें।

वाराणसी में नगर विकास मंत्री एके शर्मा का औचक निरीक्षण, सफाई व्यवस्था की हकीकत जानी

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