Varanasi

वाराणसी से विश्व को संदेशः ‘‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्स 2025’’ के मंच से ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के साथ शुरू हुआ ‘‘सेव अर्थ मिशन’’

‘‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्स’’ में शिक्षा, समाज, संस्कृति और सेवा क्षेत्र के महान व्यक्तित्व हुए सम्मानित.रजत पाठक बने आइकन आफ उत्तर प्रदेश 2025 .

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर 3,000 करोड़ वृक्षारोपण का संकल्प
  • वर्ष 2040 तक 75 देशों में फैलेगा हरित क्रांति अभियान
  • ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’: मातृभूमि, जन्मदात्री माँ और धरती माँ को समर्पित अनूठी पहल
  • वाराणसी के ताज गेंजेस प्रांगण से हरित क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत

वाराणसी : माँ गंगा के पावन तट, वाराणसी की ऐतिहासिक धरती और ताज गेंजेस के भव्य प्रांगण से विश्व को एक अनूठा संदेश दिया गया। ‘‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्स 2025’’ और ‘‘आइकॉन ऑफ उत्तर प्रदेश अवार्ड्स 2025’’ का आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा को छू लेने वाला क्षण बन गया। इस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान की शुरुआत हुई और ‘‘सेव अर्थ मिशन’’ की घोषणा की गई।

यह संकल्प न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए हरित क्रांति का प्रतीक बनने जा रहा है। लक्ष्य है वर्ष 2040 तक 3,000 करोड़ वृक्षारोपण और अभियान को 75 देशों तक फैलाना। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच और विचार ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ का विस्तार है। विचार है कि हर व्यक्ति अपनी मातृभूमि, अपनी जन्मदात्री माँ और धरती माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाए। इस अवसर पर शिक्षा, समाज, संस्कृति, सेवा और कॉर्पोरेट क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों को ‘‘प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्स’’ से सम्मानित किया गया। लेकिन इस आयोजन का सबसे बड़ा संदेश रहा ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’—जो हर भारतीय के संस्कार और मूल्यों को विश्व तक पहुँचाने का संकल्प है।

नेतृत्व टीम के विचार

डॉ. अजय देसाई, चेयरमैन एवं संस्थापक, प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्सः “वाराणसी से शुरू हुई यह यात्रा आने वाले वर्षों में दुनिया के 75 देशों तक पहुंचेगी। यह वास्तव में हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।”
संदीप चौधरी, अध्यक्ष, इंडिया चैप्टर, सेव अर्थ मिशनः “हमारा लक्ष्य इसे एक वैश्विक जनआंदोलन बनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण मिल सके।”
पवन मिश्रा, सह-संस्थापक एवं प्रोमोटर, प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्सः “‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल अभियान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों का संदेश है।”

विशेष शुभकामनाएँ और उपस्थिति

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक* ने अपने संदेशों के माध्यम से इस अभियान की सफलता की कामना की। इस आयोजन में डॉ. आनंद दोशी, डॉ. निशांत शाह और श्रीमती ऋचा वशिष्ठ जैसे विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन की सफलता में मुकेश चावड़ा, राजवी देसाई, साक्षी मिश्रा सहित ‘‘टीम प्राइड ऑफ भारत’’ का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित रहा और साथ ही विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति, पर्यावरणीय चेतना और मानवीय संवेदना का अद्भुत संदेश दे गया।

रजत पाठक बने आइकन आफ उत्तर प्रदेश 2025 – काशी की धरोहर को वैश्विक मंच तक पहुँचाने वाले विज़नरी उद्यमी”

काशी की पावन धरती से एक बार फिर इतिहास रचा गया। ताज गेंजेस, वाराणसी में आयोजित प्राइड ऑफ भारत अवार्ड्स 2025 समारोह में श्री रजत पाठक को मानद सम्मान आइकन ऑफ उत्तर प्रदेश 2025 (विज़नरी उद्यमी श्रेणी) से विभूषित किया गया।

इस सम्मान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इस वर्ष कुल 1,770 नामांकनों में से देश-विदेश की प्रतिष्ठित जूरी, जिसमें सामाजिक सुधारक, पद्म पुरस्कार से सम्मानित हस्तियां और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशिष्टजन शामिल थे, ने केवल 7 व्यक्तियों का चयन किया। उन्हीं में से एक नाम श्री रजत पाठक का रहा।

यह पुरस्कार केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिष्ठित है। अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई, सिंगापुर, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले ही अपनी छाप छोड़ चुके इस मंच ने अब काशी को केंद्र बनाकर यह संदेश दिया कि जब समाज, सहयोग और संस्कार मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो उनकी गूंज पूरी दुनिया तक पहुँचती है।

सम्मान प्राप्त करने के अवसर पर श्री पाठक ने कहा— “यह उपलब्धि मेरी व्यक्तिगत यात्रा नहीं, बल्कि हम सबकी साझा यात्रा है। समाज की शक्ति, सहयोग की भावना और संस्कारों की गहराई ही मेरी असली प्रेरणा हैं। व्यापार केवल लाभ का साधन नहीं, बल्कि रोज़गार और विकास का आधार है; और संस्कृति केवल विरासत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।”

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“Shri Rajat Pathak Named Icon of Uttar Pradesh 2025 – The Visionary Entrepreneur Who Transformed Kashi’s Legacy into Global Inspiration”

Varanasi, September 18, 2025.
On the timeless soil of Kashi, where spirituality meets civilization, a new chapter of history was inscribed. At the prestigious Pride of Bharat Awards 2025 held at Taj Ganges, Varanasi, Shri Rajat Pathak was conferred with the honorary title Icon of Uttar Pradesh 2025 (Visionary Entrepreneur Category).

What makes this honor remarkable is its rare distinction: out of 1,770 nominations nationwide, only 7 individuals were chosen by an eminent jury of social reformers, Padma awardees, and globally renowned luminaries. Shri Rajat Pathak’s selection among them symbolizes not only individual achievement but the recognition of values rooted in Kashi’s spirit.

The Pride of Bharat Awards carry an international footprint—having already been staged in the USA, UK, Dubai, Singapore, Canada, and Australia. Their arrival in Kashi underscores a powerful narrative: when society, synergy, and sanskar (values) align, the message transcends borders and echoes across the world.

On receiving the honor, Shri Pathak remarked:
“This recognition is not mine alone. It is the collective celebration of every well-wisher, associate, and supporter who has walked this journey with me. The power of society, the spirit of collaboration, and the depth of values are my true inspiration. Business, to me, is not merely profit—it is the foundation of employment and development. Culture is not just heritage—it is the eternal spark that guides future generations.”

Through Rajat Synergy Group and Rajat Synergy Foundation, this vision continues to take tangible shape:
🔸 Rajat Synergy Group strengthens entrepreneurship by linking it with livelihoods and growth.
🔸 Rajat Synergy Foundation safeguards the spiritual and cultural treasures of Kashi for posterity.

✨ This honor is not confined to one individual—it reflects the pride of Kashi, Uttar Pradesh, and India at large. It is testimony to the fact that India’s real strength lies in the harmony of society, collaboration, and values.

“From Kashi to the World” – this honor is not just a milestone, but a movement.

 

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