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जीडीपी आंकड़े और एफपीआई के रुख से तय होगी बाजार की चाल

विश्व बाजार की तेजी से उत्साहित निवेशकों की लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह करीब एक प्रतिशत मजबूत रहे सेंसेक्स और निफ्टी की चाल अगले सप्ताह चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), जीएसटी, आईआईपी और पीएमआई आंकड़े के साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के रुख से तय होगी।बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 716.16 अंक अर्थात 0.99 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 73142.80 अंक हो गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 172 अंक यानी 0.8 प्रतिशत उछलकर 22212.80 अंक पर रहा।

समीक्षाधीन सप्ताह में दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा। बीएसई का मिडकैप मामूली बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 39934.21 अंक पर सपाट रहा। वहीं, स्मॉलकैप 374.17 अंक अर्थात 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 46033.47 अंक पर पहुंच गया।विश्लेषकों के अनुसार, अगले सप्ताह वित्त वर्ष 2023-24 की दिसंबर में समाप्त हुई तीसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं। साथ ही वस्तु एवं सेवा कर, औद्योगिक उत्पादन के साथ ही विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े जारी होने वाले है। इन आंकड़ों का अगले सप्ताह बाजार की चाल निर्धारित करने में अहम भूमिका होगी।

वित्तीय एवं निवेश सलाह देने वाली कंपनी जीओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी. के. विजयकुमार ने कहा कि हाल ही में एफपीआई की प्रवृत्ति की एक दिलचस्प विशेषता देखने को मिली कि अमेरिका में दस वर्ष के बांड यील्ड में तेजी के बावजूद एफपीआई इक्विटी का निवेश प्रवाह में कमी आई है। आम तौर पर जब अमेरिका में 10-वर्षीय बांड की यील्ड 4.15 प्रतिशत से ऊपर बढ़ जाती है तो एफपीआई भारी बिकवाली करते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। हालांकि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक अब प्रमुख निवेशक हैं और उनकी निरंतर खरीददारी बाजार को नए रिकॉर्ड तक पहुंचा रही है।एफपीआई ने 23 फरवरी तक केवल 423 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जो जनवरी के स्तर से काफी कम है। हालांकि बाजार का लचीलापन अमेरिका में आकर्षक बांड यील्ड के बावजूद एफपीआई को आक्रामक बिकवाली से रोक रहा है।

विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर दूरसंचार, यूटिलिटीज, कंज्यूमर डयूरेबल्स और सर्विसेज समेत सोलह समूहों में हुई दमदार लिवाली की बदौलत सोमवार को सेंसेक्स 281.52 अंक की तेजी के साथ 72,708.16 अंक और निफ्टी 81.55 अंक मजबूत होकर 22,122.25 अंक पर बंद हुआ।विदेशी बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, इंडसइंड बैंक और आईसीआईआई बैंक की ढाई प्रतिशत से अधिक की तेजी से मंगलवार को सेंसेक्स 349.24 अंक की छलांग लगाकर 73,057.40 अंक और निफ्टी 74.70 अंक की बढ़त लेकर 22,196.95 अंक हो गया।

वहीं, विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर ऊंचे मूल्य पर हुई मुनाफवासूली के दबाव में बुधवार को सेंसेक्स 434.31 अंक की गिरावट लेकर 72,623.09 अंक और निफ्टी 141.90 अंक टूटकर 22,055.05 अंक पर बंद हुआ।विदेशी बाजारों की तेजी से उत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत गुरुवार को सेंसेक्स 535.15 अंक की छलांग लगाकर 73,158.24 अंक और निफ्टी 162.40 अंक की तेजी लेकर 22,217.45 अंक पर बंद हुआ।विश्व बाज़ार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर एचसीएल टेक, मारुति, एसबीआई, टाटा स्टील और आईसीआईआई बैंक समेत सत्रह दिग्गज कंपनियों में हुई बिकवाली से शुक्रवार को सेंसेक्स 15.44 अंक उतरकर 73,142.80 अंक और निफ्टी 4.75 अंक फिसलकर 22,212.70 अंक रह गया।

विदेशी मुद्रा भंडार 1.13 अरब डॉलर घटकर 616.1 अरब डॉलर पर

विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में गिरावट आने से 16 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह गिरता हुआ 1.13 अरब डॉलर घटकर 616.1 अरब डॉलर रहा गया।वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.24 अरब डॉलर कम होकर 617.23 अरब डॉलर पर रहा था।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 16 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 74 करोड़ डॉलर की गिरावट लेकर 545.8 अरब डॉलर पर आ गयी। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 36.2 करोड़ डॉलर घटकर 47.4 अरब डॉलर रह गया।आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार में 2.8 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 18.1 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 10 लाख डॉलर गिरकर 4.8 अरब डॉलर पर आ गया।(वार्ता)

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