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मेक इन इंडिया सामानों की मार्च में बढ़ी मांग

अर्थव्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट रही है। मार्च महीने के आयात-निर्यात के आंकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। जी हां, यदि गौर करें तो मार्च के महीने में देश का निर्यात करीब 34 अरब डॉलर का हुआ है। वहीं, मार्च 2020 में देश ने 21 अरब 49 करोड़ डॉलर का निर्यात किया था। तुलना करें तो मार्च 2021 में देश ने 58.23 % ज्यादा निर्यात किया है। साल 2020-21 में देश का कुल निर्यात 290 अरब 18 करोड़ डॉलर का हुआ, वहीं पिछले वर्ष में 313 अरब 36 करोड़ डॉलर का निर्यात हुआ था। वर्ष 2019-20 के मुकाबले 2020-21 के निर्यात में 7.40% की कमी आयी है।

भारत ने मार्च, 2021 में 48 अरब 12 करोड़ डॉलर का आयात किया, जबकि पिछले वर्ष 2020 के इसी महीने में 31 अरब 47 करोड़ डॉलर का आयात हुआ था। इस तरह पिछले साल के हिसाब से आयात में 52.28% की बढ़ोतरी हुई। साल 2020-21 के दौरान कुल 388 अरब 92 करोड़ डॉलर का आयात हुआ, जबकि वहीं 2019-20 में यह राशि 474 अरब 71 करोड़ रुपए की रही। हालांकि कुल सालाना आयात में 18.07% की कमी आयी। इस वर्ष भारत का व्यापार घाटा 14 अरब 11 करोड़ डॉलर का रहा जबकि पिछले वर्ष के इसी महीने में यह राशि 9 अरब 98 करोड़ डॉलर थी। इस तरह व्यापार घाटे में 41.04% का सुधार हुआ।

मेक इन इंडिया सामानों की मांग बढ़ी

दिसंबर 2019 की तुलना में दिसंबर 2020 में 262.62 फीसदी अधिक अनाजों का निर्यात किया गया। वहीं ऑयल 192.60%, लौह अयस्क 69.26%, अनाज 45.41%,फ्लोर कवरिंग सहित जूट का सामान 21.93%, हाथ से बना हुआ सामान 21.7%, दरी (कार्पेट) 21.12%, सेरेमिक उत्पाद और कांच से बने सामान 19.11%, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल (दवाइयां) 17.44%, मसाले 17.06%, इलेक्ट्रॉनिक सामान 16.44%, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल 10.73%, कॉटन यार्न व फेब्रिक्स और हैंडलूम 10.09%, चावल 8.60%, मीट-डेयरी, पोल्ट्री सामान 6.79%, रत्न और ज्वेलरी 6.75%, कच्चा कोयला और दूसरे खनिज 6.02%, चाय 4.47% और इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 0.12% अधिक हुआ।

वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम पदार्थ का निर्यात 40% कम हुआ है। चमड़ा, कॉफी, टेक्सटाइल आदि सामानों का निर्यात भी कम हुआ है। फेडरेशन फॉर इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन अजय सहाय ने कहा है की इस महीने सुएज कैनाल के ब्लॉक होने के बावजूद आयात-निर्यात अच्छी मात्रा में हुआ। कोविड की चुनौतियों के बाद भी इस तरह की प्रगति उम्मीद जगाती है। कोरोना महामारी के चलते वैश्विक व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। अब धीरे-धीरे ही सही सुधार के संकेत दिखने लगे हैं। बुधवार को विश्व व्यापार संगठन ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि पिछले वर्ष के मुकाबले वैश्विक व्यापार में इस वर्ष 8% की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

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