टीप-टाप’ दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
वाराणसी नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर तैयारी तेज कर दी है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्यशाला में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर को केवल साफ नहीं बल्कि पूरी तरह ‘टीप-टाप’ बनाया जाए। घर-घर कूड़ा संग्रहण, सोर्स सेग्रिगेशन, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था, वॉल पेंटिंग, बिजली खंभों की रंगाई और लटकते तारों की समस्या को प्राथमिकता से ठीक करने पर जोर दिया गया।
- नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश, कूड़ा पृथक्करण, सुंदरीकरण और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार पर जोर
वाराणसी। काशी को स्वच्छता के साथ-साथ पूरी तरह “टीप-टाप” और आकर्षक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में वाराणसी को देश के शीर्ष तीन शहरों में स्थान दिलाने के लक्ष्य के साथ निगम प्रशासन ने अधिकारियों को साफ-सफाई के साथ शहर के समग्र सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में नगर निगम द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल कूड़ा उठाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शहर के सौंदर्य, व्यवस्थापन और नागरिक अनुशासन से जुड़े हर छोटे पहलू को सुधारना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वाराणसी देश के प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और स्वच्छता उनके प्रमुख एजेंडों में शामिल है। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए तथा सोर्स सेग्रिगेशन यानी घरों से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग देने की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
नगर आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि शहर में मौजूद सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, दीवारों पर की जाने वाली वॉल पेंटिंग, जंग लगे बिजली के खंभों की रंगाई-पुताई, तथा सड़कों के ऊपर लटकते बिजली के तारों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता और स्वच्छता के लिए विभाग कोई भी हो, खामियों को चिन्हित करना और उन्हें दूर कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
कार्यशाला में नगर आयुक्त ने साफ चेतावनी दी कि सफाई के बाद भी यदि कोई व्यक्ति सड़कों पर कूड़ा फेंकता है या गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके नहीं देता, तो ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में चार प्रकार के डस्टबिन और जागरूकता संबंधी स्टीकर वितरित किए जा चुके हैं, वहां शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रिगेशन सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए लोगों को लगातार जागरूक करने और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को दी गई चेकलिस्ट और टूलकिट
स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को विस्तार से समझाने के लिए डीपीएम अरविंद कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अधिकारियों को अंक प्रणाली और मूल्यांकन के विभिन्न मानदंडों की जानकारी दी। कार्यशाला में उपस्थित सभी जोनल अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और कर अधीक्षकों को एक विस्तृत निरीक्षण चेकलिस्ट और टूलकिट भी प्रदान की गई।
उन्हें निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें, समस्याओं को चिन्हित करें और उसकी रिपोर्ट नगर निगम मुख्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कमियों को दूर कर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला में मुख्य रूप से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद, मृत्युंजय नारायण मिश्र, जलकल विभाग और नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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